सुबह उठते ही होने वाला सिरदर्द हमेशा किसी बड़ी बीमारी की तरफ संकेत नहीं करता, कई बार यह किसी व्यक्ति के रहन-सहन के बारे में भी बताता है। इसमें अच्छी बात यह कि इसे आसानी से बिना किसी डॉक्टर की सलाह के ठीक किया जा सकता है।
वहीं, ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर ऐसा लगातार हो रहा है तो यह शारीरिक समस्या की तरफ इशारा करता है, जिसपर तुरंत एक्शन लिए जाने की जरूरत है।
सुबह के समय किन वजहों से होता है सिरदर्द?
अगर सुबह उठते ही सिरदर्द की शिकायत है तो इसकी वजह शरीर में पानी के कमी, अपर्याप्त नींद, तनाव और सोते समय सहज न हो पाना हो सकता है। इसके अलावा, कई और कारक भी हैं जिनमें सोने से पहले जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन, रात के समय डिनर न करना, कैफीन ज्यादा लेना जैसी बुरी आदतें शामिल हैं। कुछ स्थितियों में इंसोम्निया जैसे स्लीप डिसऑर्डर भी सुबह के समय सिरदर्द का कारण बनते हैं।
कैसे करें बचाव?
सुबह के समय होने वाले सिर दर्द को अपनी आदतों में सुधार करके ठीक किया जा सकता है। इसके लिए पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं, सुबह हेल्दी नाश्ता करें और रात में पूरी नींद लें।
कब सुबह के समय सिरदर्द को न करें अनदेखा?
सुबह के समय होने वाले कई सिरदर्द नजरअंदाज नहीं किए जाने चाहिए, जैसे:
रोजाना सिरदर्द बने रहना
धुंधला दिखाई दे
उल्टी
भ्रम की स्थिति
कमजोरी
सुन्न हो जाना
बोलने में परेशानी
ये सभी लक्षण हाई ब्लड प्रेशर, माइग्रेन, स्लीप एपनिया या किसी ब्रेन डिसऑर्डर के संकेत हो सकते हैं। वहीं, सिर दर्द के चलते नींद से उठ जाना, किसी भी तरह के घरेलू नुस्खों का काम न करना या रोजाना सिरदर्द के मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
जो लोग स्लीप एपनिया जैसी कंडीशन से पीड़ित होते हैं, वो सुबह के समय सिरदर्द होने के साथ ही नींद में खर्राटें लेने, दिन में नींद महसूस करने और सोते समय सांस रुकने जैसे अनुभवों का सामना करते हैं। इन्हें घर के नुस्खों से नहीं बल्कि खास इलाज की जरूरत होती है।
सुबह के समय सिरदर्द कम करने के सुझाव
नींद का फिक्स शेड्यूल रखें
पर्याप्त पानी पीएं
तनाव कम करें
शराब का सेवन कम करें
कॉफी का सेवन सीमित रखें
सही तकिए का इस्तेमाल
सामान्य होते हैं ज्यादातर सिरदर्द
ज्यादातर सिरदर्द थोड़े समय के और नुकसान से रहित होते हैं, लेकिन लक्षण गंभीर होने पर उन्हें अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए। सिरदर्द के पैटर्न को समझने की कोशिश करनी चाहिए ताकि डॉक्टर उसका इलाज बेहतर ढंग से कर पाएं।
अगर डॉक्टर को स्थिति सामान्य नहीं लगती है तो वो खून की जांच, ब्लड प्रेशर मापना और स्लीप स्टडी जैसे टेस्ट के माध्यम से सिरदर्द की वजह का पता लगा सकते हैं। इसके अलावा, सिटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांच की भी डॉक्टर द्वारा सलाह दी जा सकती है।




