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यूक्रेन के भगोड़े कमांडर की खौफनाक मौत! रशियन एस्कॉर्ट ने कचरे के डिब्बे में छिपाया था बम

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 रूस के कब्जे वाले क्रीमिया में यूक्रेन के एक भगोड़े और क्रेमलिन के काला सागर बेड़े के 49 वर्षीय कमांडर रॉबर्ट शागेव की कचरे के डिब्बे में हुए भीषण बम विस्फोट में मौत हो गई। रूसी अधिकारियों ने इस हत्या के आरोप में रशियन एस्कॉर्ट 32 वर्षीय मार्गरीटा रियूट नाम की महिला को गिरफ्तार किया है।

‘द टेलीग्राफ’ द्वारा उद्धृत और सुरक्षा सेवाओं से जुड़े टेलीग्राम चैनलों के अनुसार, आरोपी मार्गरीटा रियूट ने कमांडर शागीव के पास स्थित एक कूड़ेदान में आईईडी (विस्फोटक उपकरण) छिपाया था। जैसे ही शागीव सीढ़ियों से नीचे उतरा, उसमें जोरदार धमाका हुआ और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

कचरे के डिब्बे में हुआ यह विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास रहने वाले लोगों ने इसे किसी इमारत पर हुआ ड्रोन हमला समझ लिया था।

हत्या करने का आरोप

रूस के ‘ई2डब्ल्यू न्यूज’ के मुताबिक, रूसी अधिकारियों ने रियूट पर आतंकवाद के जरिए हत्या करने का आरोप दर्ज किया है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर अपना गुनाह कबूल कर लिया है, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

वहीं, जांच एजेंसियों की रिपोर्टों में इस पूरे हत्याकांड के तार यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है।

रॉबर्ट शागीव कौन था?

रॉबर्ट शागीव एक यूक्रेनी नौसेना अधिकारी था, जो 2014 में क्रीमिया के विलय के बाद रूस भाग गया था। उस समय, वह यूक्रेनी पोत जापोरिजिया के कार्यवाहक कमांडर के रूप में कार्यरत था, यह यूक्रेन की एकमात्र पनडुब्बी थी। बाद में, रूसी सेना में जहाज के साथ शामिल होने के बाद, यूक्रेन के अधिकारियों ने उस पर राजद्रोह के आरोप में वांछित घोषित कर दिया।

आरोपी मार्गरीटा रियूट का बैकग्राउंड

रूसी समाचार आउटलेट ‘मैश’ (Mash) के अनुसार, 32 वर्षीय आरोपी मार्गरीटा रियूट रूस के यारोस्लाव की रहने वाली है। वह अक्सर क्रीमिया आती-जाती रहती थी। यह पहली बार नहीं है जब रियूट सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आई हो। इससे पहले जुलाई 2025 में, एक यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद ट्रेन यात्रा के दौरान कथित तौर पर ‘यूक्रेन समर्थक’ टिप्पणियां करने के आरोप में उसे हिरासत में लिया गया था।

तब उसे दो दिनों तक हिरासत में रखने के बाद रूसी सेना को बदनाम करने के जुर्म में जुर्माना लगाकर छोड़ दिया गया था।