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पुराने वीडियो को नए संदर्भ में प्रसारित करना पत्रकारिता नहीं : अजय चन्द्राकर

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रायपुर, 16 अगस्त। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता अजय चन्द्राकर ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक स्थानीय चैनल द्वारा प्रसारित ध्वजारोहण के पुराने वीडियो को वर्तमान घटना से जोड़कर प्रस्तुत किए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कांग्रेस के हैंडल से इस वीडियो को रि-ट्वीट किए जाने को भी राजनीतिक भ्रम फैलाने का प्रयास बताया है।

     अजय चन्द्राकर ने कहा कि आजकल व्यूज पाने की होड़ में पुराने वीडियो को नए संदर्भ में पेश करना पत्रकारिता नहीं है। किसी भी वीडियो को प्रसारित करने से पहले उसके समय, संदर्भ और तथ्यों की पूरी जानकारी कर लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनता को गुमराह करने के बजाय मीडिया संस्थानों को जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता को प्राथमिकता देनी चाहिए।

       भाजपा नेता के अनुसार, जिस वीडियो को स्वतंत्रता दिवस के अवसर का बताकर प्रसारित किया जा रहा है, वह वास्तव में 26 मार्च को आयोजित भाजपा प्रशिक्षण कार्यशाला का वीडियो है। उनका आरोप है कि पुराने वीडियो को नए संदर्भ में प्रस्तुत कर लोगों के बीच भ्रम पैदा किया गया और इसे राजनीतिक रूप से भी प्रचारित किया गया।

      अजय चन्द्राकर ने कहा कि पत्रकारिता का मूल धर्म तथ्यों को सामने रखना और जनता को सही जानकारी देना है। राजनीतिक एजेंडे के लिए तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने से पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने संबंधित चैनल से वीडियो की वास्तविक तारीख और संदर्भ की पुष्टि किए बिना उसे प्रसारित किए जाने पर सवाल किया।

      उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी वीडियो या तस्वीर के तेजी से वायरल होने मात्र से उसकी सत्यता प्रमाणित नहीं हो जाती। मीडिया और राजनीतिक दलों, दोनों की जिम्मेदारी है कि किसी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता और संदर्भ की जांच करें।

       अजय चन्द्राकर ने कहा, “वीडियो पुराना है, दावा भ्रामक है और सच सामने है।” उन्होंने इसे फर्जी खबरों के बढ़ते चलन से जोड़ते हुए कहा कि जनता को भ्रमित करने वाली ऐसी सामग्री के बजाय तथ्यपरक और जिम्मेदार संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

       उन्होंने मीडिया संस्थानों से अपील की कि समाचारों और वीडियो सामग्री के प्रसारण में तथ्य-जांच को प्राथमिकता दी जाए, ताकि राजनीतिक मतभेदों के बीच भी पत्रकारिता की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बनी रहे।