होम छत्तीसगढ़ जशपुर एक्सप्रेस: 50 महिलाओं को ई-रिक्शा, स्वरोजगार की नई राह

जशपुर एक्सप्रेस: 50 महिलाओं को ई-रिक्शा, स्वरोजगार की नई राह

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जशपुर, 27 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर एक्सप्रेस’ योजना का शुभारंभ किया। बगिया स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 50 महिलाओं को ई-रिक्शा प्रदान किए। इसके साथ ही इन महिलाओं को नियमित आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिला।

       कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री साय को राखी बांधकर उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने भी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें साड़ी और मिठाई भेंट की। आत्मीय माहौल में आयोजित कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की भूमिका और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।

      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़कर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा महिलाओं के लिए महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि नियमित आमदनी और सम्मानजनक स्वरोजगार का माध्यम बनेगा।

      उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसी गतिविधियों से जोड़ना है, जिनसे वे स्थायी आय अर्जित कर सकें और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

पिछले रक्षाबंधन पर 14, इस बार 50 महिलाओं को ई-रिक्शा

       मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की यह पहल लगातार विस्तार पा रही है। पिछले वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर स्व-सहायता समूहों की 14 महिलाओं को ई-रिक्शा दिए गए थे। इस वर्ष ‘जशपुर एक्सप्रेस’ योजना के तहत 50 और महिलाओं को ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं।

       उन्होंने बताया कि रायपुर में भी महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए 92 ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं। ई-रिक्शा संचालित करने वाली महिलाएं प्रतिमाह लगभग 15 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आय बढ़ने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता भी मजबूत हुई है।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिला के हाथ में उसकी अपनी कमाई आती है तो उसका सकारात्मक असर पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और भविष्य के लिए बचत जैसे कार्यों में यह आय महत्वपूर्ण सहारा बनती है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं को आयमूलक गतिविधियों से जोड़ा जाए।

छोटे व्यवसायों से लेकर ई-रिक्शा संचालन तक बढ़ रहे कदम

      मुख्यमंत्री साय ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की महिलाएं किराना दुकान, सब्जी व्यवसाय और विभिन्न छोटे उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं। अब वे ई-रिक्शा जैसी सेवाओं में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं।

      उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की दिशा में भी काम कर रही है, ताकि महिलाओं द्वारा शुरू किए गए उद्यम टिकाऊ बनें और उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो।

     मुख्यमंत्री ने महिलाओं से मुद्रा ऋण सहित उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप उद्यम शुरू कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।