बिलासपुर, 29 अगस्त। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में शुक्रवार देर रात दो समुदायों के बीच हुए विवाद और पथराव की घटना के बाद जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी संजय अग्रवाल द्वारा 28 अगस्त को यह आदेश जारी किया, जो आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
बताया गया है कि सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज और मसानगंज इलाके में सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विवाद की शुरुआत हुई। इसके बाद दो पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला देखते ही देखते पथराव तथा हिंसक झड़प में बदल गया। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब दोनों पक्षों के लोग सिटी कोतवाली थाने के आसपास बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए।
थाने के पास भी आमने-सामने आए दोनों पक्ष
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत पुरानी रंजिश से जुड़े एक घटनाक्रम के बाद हुई थी। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर गाय को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी सामने आने के बाद एक पक्ष में नाराजगी बढ़ गई। मामले को लेकर दोनों पक्ष शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग वहां जुट गए और स्थिति बिगड़ गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव हुआ। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग आंकड़े दिए गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह मौके पर पहुंचे और देर रात तक स्थिति की निगरानी की। तनाव को देखते हुए बिलासपुर शहर के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
सिटी कोतवाली क्षेत्र में धारा 163 लागू
घटना के बाद पुलिस से मिली रिपोर्ट और क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत सार्वजनिक स्थानों पर चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी। हालांकि सामान्य आवागमन और वैध कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों को आवश्यक छूट दी गई है।
सभा, रैली, जुलूस, प्रदर्शन, धरना और हड़ताल जैसे आयोजनों के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी, बिलासपुर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
हथियार लेकर निकलने पर रोक
प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने पर भी प्रतिबंध लगाया है। तलवार, फरसा, भाला, लाठी, चाकू, छुरा, कुल्हाड़ी, गुप्ती, त्रिशूल समेत अन्य अस्त्र-शस्त्र लेकर सार्वजनिक रूप से निकलने पर रोक रहेगी। ड्यूटी पर तैनात शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों और नियमानुसार छूट प्राप्त लोगों को इससे बाहर रखा गया है।
इसके अलावा सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने, सड़क या सार्वजनिक मार्ग बाधित करने तथा लोगों में भय या अफवाह का माहौल पैदा करने वाली गतिविधियों पर भी सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए यह प्रतिबंधात्मक व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की गई है और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन और पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा किसी भी प्रकार की भड़काऊ गतिविधि से दूर रहने की अपील की है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।




