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प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 11 की मौत

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(प्रतीकात्मक फोटो)

प्रयागराज, 31 अगस्त। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज-कौशांबी बॉर्डर पर सोमवार को पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में दोपहर करीब 12:30 बजे हुए इस धमाके में अब तक 11 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर डटे हुए हैं तथा मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है।

       प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना शक्तिशाली था कि पटाखा फैक्ट्री की पूरी इमारत देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गई। विस्फोट की चपेट में आसपास के कई मकान भी आ गए। कुछ मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि कई अन्य घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। धमाके के बाद इलाके में धुएं का घना गुबार छा गया और काफी देर तक पटाखों के फटने जैसी आवाजें सुनाई देती रहीं।

एयरफोर्स स्टेशन के पास हुआ हादसा

       हादसे वाली जगह मनौरी स्थित एयरफोर्स स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर बताई जा रही है। घटनास्थल प्रयागराज और कौशांबी जिले की सीमा पर स्थित है, जिसके चलते दोनों जिलों की पुलिस और प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचीं। धमाके की आवाज आसपास के काफी दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद मोहम्मदपुर और आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई।

        शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना के समय फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर काम कर रहे थे। धमाके के बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर मलबे से घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। एंबुलेंस के पहुंचने से पहले कई घायल मजदूरों को ग्रामीण चारपाई और पिकअप वाहनों के जरिए अस्पताल ले गए।

घायलों को SRN अस्पताल भेजा गया

       गंभीर रूप से झुलसे लोगों को प्रयागराज के एसआरएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। अस्पताल में इलाज के दौरान मृतकों की संख्या लगातार बढ़ी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 11 तक पहुंच गया है। हालांकि, राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हादसे में हताहतों की अंतिम संख्या स्पष्ट हो सकेगी।

मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका

       धमाके की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन को आशंका है कि फैक्ट्री और आसपास के क्षतिग्रस्त मकानों के मलबे में कुछ और लोग दबे हो सकते हैं। इसी वजह से राहत एवं बचाव दल बेहद सावधानी से मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। मौके पर पुलिस बल की तैनाती के साथ क्षेत्र को सुरक्षित किया गया है।

लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की होगी जांच

      हादसे के बाद पटाखा निर्माण इकाई में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि फैक्ट्री के पास पटाखा निर्माण और भंडारण का वैध लाइसेंस था या नहीं तथा वहां विस्फोटक सामग्री के रखरखाव और सुरक्षा के निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। विस्फोट की वास्तविक वजह भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

      शुरुआती जानकारी में फैक्ट्री के मालिक का नाम आदिल बताया गया है। हालांकि, हादसे की जिम्मेदारी और फैक्ट्री के संचालन से जुड़े अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

डिप्टी सीएम ने जताया दुख

      हादसे पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दुख जताया है। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और घटना की जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही।

     फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। राहत एवं बचाव अभियान जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।