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विश्वकर्मा कुल गीत का यूट्यूब पर लोकार्पण, मानवता को समर्पित है गीत

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रायपुर, 10 सितंबर। राजधानी रायपुर स्थित पुराना आरडीए भवन में छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के कार्यालय में बुधवार को वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित ‘विश्वकर्मा कुल गीत’ का यूट्यूब पर लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में विश्वकर्मा समाज के पदाधिकारियों, साहित्यकारों और बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने हिस्सा लिया।

       कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष आर. एस. विश्वकर्मा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने की, जबकि विश्वकर्मा समाज के संरक्षक सीताराम विश्वकर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

       कुल गीत के रचयिता डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ ने कहा कि यह गीत केवल विश्वकर्मा कुल को समर्पित नहीं है, बल्कि उन्होंने इसे पूरी मानव जाति को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की सृजनशीलता, कर्म और मानव कल्याण की भावना को गीत के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है।

       छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने कहा कि भगवान श्री विश्वकर्मा की महिमा को रेखांकित करने वाला यह कुल गीत अद्भुत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह गीत आने वाले समय में कालजयी रचना के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

         मुख्य अतिथि आर. एस. विश्वकर्मा ने कुल गीत की रचना और उसकी प्रस्तुति को अद्वितीय बताते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा की महिमा और समाज की गौरवशाली परंपरा को गीत के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

         विशेष अतिथि सीताराम विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वकर्मा समाज को ऐसे कुल गीत की लंबे समय से आवश्यकता थी। डॉ. ‘नवरंग’ ने इस आवश्यकता को रचनात्मक रूप देते हुए एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने गीत को समाज की एकता और गौरव की भावना को मजबूत करने वाला बताया।

        विश्वकर्मा समाज, बढ़ईपारा के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कुल गीत के व्यापक प्रचार-प्रसार का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कुल गीत का लोकार्पण समाज के लिए गौरव का अवसर है और इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

        कुल गीत को स्वर राहुल परमार ने दिया है, जबकि इसके निर्माता मयंक विश्वकर्मा हैं। कार्यक्रम में नंदकुमार पांचाल, कृष्णा परमार, रामेश्वर शर्मा, परसराम विश्वकर्मा, किशन लाल विश्वकर्मा, आर. आर. विश्वकर्मा, पुन्नी विश्वकर्मा, शारदा पांचाल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

       इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के सचिव रमाकांत मिश्रा और अनुसंधान अधिकारी रुकमणी साहू भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में लोहार समाज के अध्यक्ष परसराम विश्वकर्मा ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।