उत्तर प्रदेश के तराई और दक्षिणी जिलों में मंगलवार से अगले दो दिन छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार बादलों की सक्रिया बढ़ने और अरब सागर से आ रही नमी के असर से यूपी में अगले 48 घंटे में कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बाद इसमें कमी आएगी।
सोमवार को बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कुछ जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई। बलिया, गोरखपुर, बांदा, झांसी, उरई, बरेली आदि में गरज चमक के साथ बूंदें पड़ीं। वहीं प्रदेश के ज्यादातर जिलों में धूप खिली। माैसम विभाग ने मंगलवार के लिए प्रदेश के 44 जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी ट्रफ लाइन के एक बार फिर उत्तर की ओर खिसकने के संकेत हैं । अगले दो तीन दिन तराई, मध्यांचल और पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं। बताया कि 19 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क होने की संभावना है। इसी के साथ पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने के लिए भी परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं। इस सीजन में अब तक यूपी में वर्षा सामान्य से तीन प्रतिशत कम दर्ज हुई है।
लखनऊ में रहेगा बादलों का डेरा
राजधानी के माैसम में बदलाव की आहट है। माैसम विभाग का कहना है कि मंगलवार और बुधवार को यहां बादलों की सक्रियता बढ़ने और छिटपुट बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। सोमवार को दिन में धूप खिली और माैसम शुष्क रहा। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को लखनऊ में बादलों की सक्रियता बढ़ने और अरब सागर से आ रही नमी के असर से हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान लगभग स्थिर रहते हुए 33.9 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री की गिरावट के साथ 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।




