अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व की कड़ी आलोचना की है। साथ ही बढ़ी हुई ब्याज दरों पर भी फटकार लगाई है। अमेरिकी सेंट्रल बैंक ने बेंचमार्क ब्याज दर को 25 बेसिस प्वाइंट से बढ़ाकर 3.75% से 4% की टारगेट रेंज में कर दिया है।
ब्याज दरों के बढ़ने पर ट्रंप ने फेड बोर्ड के अधिकारियों पर दुश्मन जैसा रवैया करने का आरोप लगाया। ट्रंप के बोर्ड के सदस्यों पर पॉलिटिकल कारणों से फैसले लेने का भी आरोप लगाया।
फेडरल बोर्ड पर बरसे ट्रंप
नॉर्थ कैरोलिना में अपनी मिड-टर्म कैंपेन रैली से पहले पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने फेडरल बोर्ड पर तीखी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने कहा, ‘बोर्ड उनके प्रति बहुत ज्यादा दुश्मन जैसा रवैया रखता है।’
ट्रंप ने बोर्ड पर उनकी प्रेसिडेंसी को नुकसान पहुंचाने के लिए दरें बढ़ाने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘वे दरें इसलिए बढ़ा रहे हैं ताकि ट्रंप का प्रदर्शन जितना हो सके उतना खराब हो।’
राष्ट्रपति ने कहा कि दर के फैसले से पहले उन्होंने फेड चेयर केविन वॉर्श से बात की थी, जिन्हें उन्होंने ही नॉमिनेट किया था। उन्होंने वॉर्श से कहा था, ‘आप बोर्ड के साथ ही वोट कर सकते हैं क्योंकि इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा।’
बोर्ड की आलोचना के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि वॉर्श स्वतंत्र रहें और उन्हें अभी भी फेड चेयर पर भरोसा है।
ट्रंप ने कहा- हम हर देश का बोझ उठा रहे हैं
ट्रंप ने रैली में अपनी बात कहने से पहले ट्रुथ सोशल पोस्ट में तर्क देते हुए लिखा, ‘अगर हम उन सभी देशों के साथ व्यापार बंद कर दें जिनके साथ हमारा डेफिसिट है और ऐसे ज्यादातर देश हैं तो हम हर साल कम से कम 1.5 ट्रिलियन डॉलर कमाएंगे।’
ट्रंप ने आगे लिखा, ‘डेफिसिट शब्द नुकसान के लिए बस एक फैंसी शब्द है। हम दुनिया के लगभग हर देश का बोझ उठा रहे हैं और ऐसा अब और नहीं चल सकता।’
ट्रंप की ओर से ब्याज दरें कम करने की मांग तब आई, जब फेडरल ओपन मार्केट कमेटी ने बुधवार को अपनी टारगेट रेंज को 3.75% से 4% तक बढ़ा दिया। यह 2023 के बाद से अमेरिका में ब्याज दरों में पहली बढ़ोतरी थी।
महंगाई को कंट्रोल करने के लिए बढ़ाईं ब्याज दरें
फेडरल बोर्ड ने कहा कि मजबूत घरेलू खर्च, प्रोडक्टिविटी में अच्छी बढ़ोतरी और जबरदस्त कैपिटल इन्वेस्टमेंट के साथ आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं।
हालांकि, उसने यह भी कहा कि महंगाई अभी भी ज्यादा है और ब्याज दरों में बढ़ोतरी से महंगाई को 2% के लक्ष्य पर वापस लाने में मदद मिलेगी।




