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सवा लाख दीपों से जगमगाया महादेव घाट, मोदी के दीर्घायु जीवन की कामना

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रायपुर, 17 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर का महादेव घाट सवा लाख दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। खारुन नदी के पावन तट पर आयोजित विराट दीपोत्सव एवं महाआरती ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और यशस्वी जीवन की मंगलकामना की।

      सवा लाख दीपों के एक साथ प्रज्वलित होने से महादेव घाट का पूरा परिसर आलोकित हो उठा। श्रद्धा, आस्था और जनभागीदारी के इस आयोजन के बीच साध्वी प्रज्ञा भारती एवं आचार्यों ने विधि-विधान से खारुन मैया की भव्य महाआरती की। मुख्यमंत्री साय ने भी महाआरती में सहभागिता की।

     कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र और जनसेवा के लिए समर्पित किया है। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दिन-रात देशवासियों की सेवा में जुटे हैं और उनके नेतृत्व में भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर आगे बढ़ रहा है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि खारुन मैया के तट पर प्रज्वलित सवा लाख दीप प्रधानमंत्री मोदी के प्रति छत्तीसगढ़वासियों के स्नेह, आत्मीयता और शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।

मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए बड़े बदलावों का किया उल्लेख

      मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कई ऐसे ऐतिहासिक निर्णय और परिवर्तन देखे हैं, जिनकी लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने और अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर में विराजमान होने सहित विभिन्न घटनाओं का उल्लेख किया।

       उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित में लिए गए बड़े और दूरगामी निर्णयों ने देश में विकास और जनकल्याण की गति को बढ़ाया है। प्रधानमंत्री की कार्यशैली, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा की भावना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व मंच पर अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी भूमिका निभा रहा है।

गरीब कल्याण को बताया शासन की प्राथमिकता

       मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए शासन का केंद्र गरीब और समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति रहा है। इसी सोच के तहत गरीब परिवारों को पक्का आवास, घर-घर शौचालय, जन-धन खाते, रसोई गैस कनेक्शन, खाद्यान्न सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया गया है।

      उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के ध्येय के साथ सरकार ने गरीबों की आवश्यकताओं और उनके जीवन को बेहतर बनाने वाली सुविधाओं को प्राथमिकता दी है।

केंद्रीय मंत्री के रूप में मोदी के साथ काम करने का अनुभव साझा किया

      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने कार्य अनुभव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें उनकी सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्हें प्रधानमंत्री की कार्यशैली, अनुशासन, परिश्रम और जनसेवा के प्रति समर्पण को करीब से देखने का अवसर मिला।

     उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करने तक नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा और सुशासन को समर्पित रहे हैं।

छत्तीसगढ़ और बस्तर के विकास पर भी जोर

     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ गहरा आत्मीय जुड़ाव रहा है। केंद्र सरकार से राज्य को निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की विकास दृष्टि में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ प्रदेश के जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला है।

      बस्तर में माओवादी हिंसा के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के साहस से छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक प्रगति हासिल की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक हिंसा और पिछड़ेपन का सामना करने वाले बस्तर में अब शांति और विकास की नई संभावनाएं बनी हैं।

      मुख्यमंत्री के अनुसार, बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क, बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। राज्य सरकार शांति के वातावरण में बस्तर की प्राकृतिक संपदा, पर्यटन, संस्कृति और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था को स्थानीय लोगों की समृद्धि और रोजगार से जोड़ने पर काम कर रही है।