रायपुर, 7 अक्टूबर। पितृ पक्ष के अवसर पर पूर्वजों की स्मृति और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के उद्देश्य से राजधानी रायपुर में ‘पितर पाख’ का आयोजन किया गया। शिवार्पण साहित्य संस्था और छत्तीसगढ़ महिला मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में साहित्य, समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श के साथ साहित्यकारों एवं विशिष्ट व्यक्तियों का सम्मान किया गया।
समारोह के प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा थे। इस अवसर पर वनवासी कल्याण आश्रम के वरिष्ठ सदस्य कृष्ण कुमार वैष्णव को वनवासी कल्याण एवं समाजसेवा के क्षेत्र में ‘प्रतिभा मनोहर सम्मान’ तथा कवयित्री सुषमा प्रेम पटेल को कविता लेखन के क्षेत्र में ‘शिव कुमार शर्मा ‘दुःखी’ स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, शॉल, श्रीफल और पौधे भेंट किए गए।
मुख्य अतिथि शशांक शर्मा ने कहा कि सेवा, साहित्य, समाज और सम्मान एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि समाज के लिए समर्पित कार्यों और साहित्यिक योगदान को सम्मानित करने से नई पीढ़ी को भी सकारात्मक दिशा मिलती है।
इस सत्र में छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष शताब्दी पांडेय, साहित्यकार शशि दुबे, डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, स्वराज्य करुण सहित अनेक साहित्यकार और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। सम्मानित कृष्ण कुमार वैष्णव ने अपने संबोधन में रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के एक गांव में निवासरत सौंरा जनजाति के परिवारों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए शासन-प्रशासन के सहयोग से किए गए प्रयासों की जानकारी साझा की।
समारोह के दूसरे सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुधीर शर्मा ने की। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्र विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने छत्तीसगढ़ी भाषा में संबोधित करते हुए कहा कि पूर्वजों की स्मृति में इस तरह का आयोजन उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। वरिष्ठ साहित्यकार एवं भाषाविज्ञानी डॉ. चित्तरंजन कर ने मुख्य अतिथि की आसंदी से अपने विचार व्यक्त किए।
दूसरे सत्र में साहित्यकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, कल्याणी तिवारी, स्वराज्य करुण और वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री केवल कृष्ण द्वारा निर्मित एवं निर्देशित लघु फिल्म ‘सुकून’ के प्रदर्शन से हुई। एआई आधारित इस लघु फिल्म में अस्पताल में जीवन के लिए संघर्ष कर रहे एक बीमार व्यक्ति और उसकी सेवा में जुटी पत्नी के मनोभावों तथा मानवीय संवेदनाओं का मार्मिक चित्रण किया गया। फिल्म ने सभागार में मौजूद दर्शकों को भावुक कर दिया।
इसके बाद काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया। काव्यपाठ के माध्यम से पूर्वजों की स्मृति, मानवीय रिश्तों और जीवन-मूल्यों को शब्दों में अभिव्यक्त किया गया। आयोजन के अंत में सामूहिक फोटोग्राफी भी हुई।
समारोह में माधुरी कर, अनामिका, मंजूषा अग्रवाल, अंजलि वैद्य, पल्लवी झा, डॉ. रत्ना पांडेय, नीलिमा मिश्रा, सीमा निगम, रूनाली चक्रवर्ती तथा राममणि यादव, यशवंत चतुर्वेदी, उदयभान सिंह चौहान और कृष्ण कुमार सिन्हा को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन भारती यादव ने किया। आयोजन को सफल बनाने में शिवार्पण साहित्य संस्था और छत्तीसगढ़ महिला मंच के सदस्यों के साथ आकांक्षा तिवारी एवं उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, लेखक, कवि, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।




