रायपुर, 7 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधिमंडल सिंगापुर की तीन दिवसीय सफल यात्रा के बाद आज रायपुर लौट आया। इस यात्रा के दौरान छत्तीसगढ़ को करीब 43,600 करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। किसी एक विदेश यात्रा के दौरान प्रदेश को मिले निवेश प्रस्तावों की दृष्टि से इसे अब तक की बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया जा रहा है।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की पहल पर आयोजित प्रथम ‘सिंगापुर-इंडिया नेटवर्क फॉर ग्रोथ-2026’ में भागीदारी के लिए देश से केवल छत्तीसगढ़ और हरियाणा का चयन किया गया था। सिंगापुर प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ ने निवेश, कौशल विकास, हरित विकास, पर्यटन और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण समझौते और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
यात्रा के दौरान 41,750 करोड़ रुपये के निवेश से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा केंद्र परिसर विकसित करने का प्रस्ताव सामने आया। इसके साथ ही कौशल विकास के लिए सिंगापुर की आईटीई एजुकेशन सर्विसेज के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया गया। वहीं गार्डन्स बाय द बे और मंडाई वाइल्डलाइफ ग्रुप जैसी विश्वस्तरीय संस्थाओं के साथ हरित विकास, पर्यटन तथा वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा केंद्र में 41,750 करोड़ का निवेश
सिंगापुर की एनर्जी कैपिटल ग्लोबल ने छत्तीसगढ़ में 100 मेगावाट क्षमता का कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा केंद्र परिसर विकसित करने के लिए 41,750 करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। यह परियोजना प्रदेश को देश की उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी ढांचे के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती है।
इसी क्रम में सनस्ट्रीम ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने सौर ऊर्जा क्षेत्र के साथ 300 मेगावाट क्षमता की बैटरी भंडारण व्यवस्था और संबंधित उपकरणों के लिए 1,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। वहीं 22 देशों में कारोबार कर रहे वैश्विक कृषि व्यवसाय समूह वैलेन्सी इंटरनेशनल को छत्तीसगढ़ में 350 करोड़ रुपये के एकीकृत कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा निर्यात केंद्र की स्थापना के लिए आमंत्रित किया गया है।
इस परियोजना से प्रदेश में कृषि उत्पादों की मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने के साथ किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर
छत्तीसगढ़ सरकार का जोर इन निवेश प्रस्तावों को केवल पूंजी निवेश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती से जोड़ने पर है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक डिजिटल ढांचे और नए उद्योगों के विस्तार से प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय स्टार्टअप और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को वैश्विक कंपनियों के आपूर्तिकर्ता और व्यावसायिक साझेदार के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप प्रदेश के युवाओं को तैयार करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सिंगापुर की आईटीई एजुकेशन सर्विसेज के साथ तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में समझौता किया है। इसके तहत उद्योगों की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने, तकनीकी प्रशिक्षण को मजबूत करने तथा युवाओं के लिए कौशल से रोजगार तक बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा।
वैश्विक निवेशकों के सामने छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित सिंग फोरम-2026 में छत्तीसगढ़ ने निवेश, उद्योग और विकास की अपनी नई संभावनाओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। फोरम में सिंगापुर के विदेश मंत्रालय तथा व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की राज्य मंत्री गैन सियो ह्वांग, सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के अध्यक्ष मार्क ली, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कोक पिंग सून सहित मास्टरकार्ड, नेस्ले और आईएचसीएल-ताज होटल्स जैसी प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
फोरम के दौरान आयोजित संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश में आने वाला प्रत्येक निवेश रोजगार सृजन, स्थानीय उद्योगों के विस्तार और अर्थव्यवस्था की मजबूती का माध्यम बने।
सिंगापुर यात्रा से मिले निवेश प्रस्तावों और हुए समझौतों से छत्तीसगढ़ के लिए निवेश के नए द्वार खुलने की उम्मीद है। विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा केंद्र, सौर ऊर्जा, बैटरी भंडारण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पारंपरिक क्षेत्रों से आगे ले जाकर नई तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




