नई दिल्ली, 12 अक्टूबर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के 10 अन्य नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न—SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। याचिका में चुनाव आयोग (ECI) द्वारा SIR से संबंधित फैसले लेने की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए आयोग के निर्णयों से जुड़ी फाइलें, बैठक का एजेंडा, कार्यवाही का विवरण (मिनट्स), आधिकारिक नोटिंग और दर्ज आपत्तियों का खुलासा करने की मांग की गई है।
याचिका में 24 जून 2025 को SIR शुरू करने के फैसले के साथ-साथ ECINET और ERONET डिजिटल प्लेटफॉर्म के एक्सेस लॉग उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ताओं ने यह जांच कराने का अनुरोध किया है कि चुनाव आयोग ने ये फैसले संविधान के अनुच्छेद 324, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एवं सेवा शर्तों से संबंधित 2023 के कानून और टी.एन. शेषन बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के अनुरूप लिए थे या नहीं।
याचिका में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर विशेष चिंता जताई गई है। इसमें अदालत से यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना पूर्व सूचना और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर दिए सूची से न हटाया जाए। इसके साथ ही हटाए गए मतदाताओं की सूची बूथवार प्रकाशित करने तथा प्रत्येक मामले में नाम हटाने के कारणों और संबंधित जनसांख्यिकीय जानकारी का विवरण देने की मांग भी की गई है।
SIR प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच की मांग
याचिकाकर्ताओं ने मतदाता सूची के डेटाबेस में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा है। यह समिति ECINET और ERONET सहित संबंधित डिजिटल प्रणालियों के रिकॉर्ड का ऑडिट करे, ताकि मतदाता सूची में किए गए बदलावों की प्रक्रिया और उनके आधार की जांच हो सके।
याचिका में मामले का अंतिम निपटारा होने तक चल रहे SIR पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ताओं ने जोर दिया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े चुनाव आयोग के प्रत्येक निर्णय को लागू कानून के अनुरूप लिया जाना चाहिए और उसका विधिवत रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए।
याचिका में अदालत से यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि मतदाता सूची से किसी का नाम हटाने से पहले कानून के अनुसार नोटिस जारी किया जाए और संबंधित मतदाता को सुनवाई का पर्याप्त अवसर मिले। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्रत्येक पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करना भी आवश्यक है।
राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों का जताया आभार
इस बीच, विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आंदोलन में शामिल लोगों, विपक्षी गठबंधन INDIA के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह प्रदर्शन में शामिल हुए प्रत्येक व्यक्ति को दिल से धन्यवाद देना चाहते हैं। उन्होंने उन करोड़ों लोगों का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दोपहर तीन बजे अपने-अपने तरीके से आंदोलन का समर्थन किया।
राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के सभी सहयोगियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण था, क्योंकि इसके जरिए सरकार को यह संदेश देना था कि देश की जनता डरने वाली नहीं है।उन्होंने कहा, “आप हमें मारिए, धमकाइए, डराने की कोशिश कीजिए, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हम आपकी गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
RSS और केंद्र सरकार पर साधा निशाना
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ताओं और केंद्र सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में युवा साथियों के साथ मारपीट करने वाले लोग विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने नहीं आए।
राहुल गांधी ने कहा कि जब विपक्ष के नेता और देश की जनता सामने खड़ी है, तब विरोधियों को भी सामने आकर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने RSS पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें सीधे मुकाबला करने का साहस नहीं है।
उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर भी हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष ताकत के दम पर राजनीति करना चाहता है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखेगा और किसी भी दबाव या धमकी से पीछे नहीं हटेगा।




