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बैंकिंग व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने उठाए गंभीर सवाल

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लखनऊ, 17 अक्टूबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए 12 सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट के जरिए बैंक ग्राहकों की समस्याओं, गरीबों के खातों से होने वाली कटौती, किसानों और छोटे कारोबारियों को कर्ज मिलने में कठिनाइयों तथा साइबर ठगी जैसे मुद्दों पर सवाल खड़े किए।

     श्री यादव ने बैंकों की मजबूती के दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि बैंकिंग व्यवस्था मजबूत है, तो बैंक शाखाएं क्यों बंद हो रही हैं और गरीबों के खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं। उन्होंने केवाईसी के नाम पर ग्राहकों को होने वाली परेशानियों तथा न्यूनतम बैलेंस की शर्तों पर भी सवाल उठाए।

     सपा प्रमुख ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक शाखाओं और एटीएम के बंद होने से आम लोगों को नकदी के लिए होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलियों और गारंटर के आसानी से कर्ज क्यों नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही होम लोन और शिक्षा ऋण पर ब्याज दरों को लेकर भी उन्होंने आम लोगों की मुश्किलों की ओर ध्यान दिलाया।

     श्री यादव ने साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को समय पर पैसा वापस नहीं मिलने और उन्हें बैंक तथा थाने के चक्कर लगाने की समस्या उठाई। उन्होंने डिजिटल लेनदेन विफल होने पर ग्राहकों की रकम कई दिनों तक अटके रहने पर भी सवाल किया।

      बैंकों से हजारों करोड़ रुपये लेकर विदेश भागने वाले बड़े कर्जदारों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए सपा अध्यक्ष ने पूछा कि ऐसे लोगों को देश वापस लाकर सजा क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने बड़े कर्जदारों से वसूली की कार्रवाई पर भी सवाल किया।

   उन्होंने बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को यूपीआई तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए बैंक शाखाओं में सहायता काउंटर स्थापित करने की जरूरत बताई। इसके अलावा बैंक कर्मचारियों की मांगों, नई भर्तियों की कमी और कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसका असर ग्राहक सेवा पर भी पड़ रहा है।