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पेंशनर्स महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांगी डीए-डीआर की राहत

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रायपुर, 17 अक्टूबर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनरों को महंगाई राहत (डीआर) का भुगतान केंद्र सरकार की देय तिथि के अनुसार करने की मांग की है।

      महासंघ के प्रांताध्यक्ष एवं वरिष्ठ कर्मचारी नेता वीरेन्द्र नामदेव ने दीपावली से पहले बकाया राशि जारी करने तथा लंबित एरियर के भुगतान पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से मुख्यमंत्री तक अपनी मांग पहुंचाई है।

      श्री नामदेव ने शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र ‘मोदी की गारंटी’ में कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से डीए-डीआर देने का भरोसा दिया गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के दौरान राज्य सरकार को इस वादे पर अमल करते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत प्रदान करनी चाहिए।

      उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और अन्य राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों को बोनस सहित विभिन्न सुविधाएं दे रही हैं। छत्तीसगढ़ में भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों, बिजली कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए-डीआर का लाभ दिया जा चुका है। अब उन्हें दीपावली बोनस देने की दिशा में भी पहल की जा रही है, जो स्वागतयोग्य है। हालांकि, महासंघ ने अन्य विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ अलग व्यवहार किए जाने पर निराशा जताई है।

     श्री नामदेव ने मांग की कि अन्य विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी एक जनवरी 2026 से बकाया डीए-डीआर का एरियर तत्काल दिया जाए। इसके साथ ही पूर्व अवधि के लंबित 98 माह के एरियर के भुगतान पर भी जल्द निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों और पेंशनरों को उनकी हक की राशि के लिए लंबे समय तक इंतजार कराना उचित नहीं है।

      महासंघ से जुड़े पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आग्रह किया है कि दीपावली से पहले डीए-डीआर के एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारी और पेंशनर अपने परिवारों के साथ त्योहार मना सकें।

      इस मांग का समर्थन करने वालों में वीरेन्द्र नामदेव, जेपी मिश्रा, एनआर साहू, अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, लोचन पांडेय, आरके टंडन, टीपी सिंह, डॉ. शेषा सक्सेना, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, आरजी बोहरे, ओडी शर्मा, उर्मिला शुक्ला, अनिल पाठक, वंदना मिश्रा, बीएस दसमेर, एमएन पाठक, लता चावड़ा, जीआर बसोने, एके दीक्षित, एमआर चंद्राकर, बीआर रावत, सीएल चंद्रवंशी, आरआर भोंसले, भीमराव जाम्हले, शरद अग्रवाल और चितरंजन साह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।