रायपुर, 21 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का परिणाम है। उनके त्याग से बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विश्वास का नया वातावरण बना है। अमर शहीदों का बलिदान विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को मजबूत करता रहेगा।
मुख्यमंत्री साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी तथा शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को शाल, श्रीफल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के शौर्य को नमन करने का अवसर है। शहीद जवानों के परिवारों का सम्मान और कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय सुरक्षा बलों का योगदान अविस्मरणीय है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के जिन क्षेत्रों में कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। नियद नेल्लानार योजना, पीएम जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से दूरस्थ एवं वंचित जनजातीय क्षेत्रों तक विकास योजनाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि अब शांति को स्थायी बनाना और विकास की गति तेज करना सरकार की प्राथमिकता है। पुलिस और सुरक्षा बलों को आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ जवानों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और जनसेवा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के दौरान नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस के अनेक जवानों ने वीरगति प्राप्त की। उनका साहस, शौर्य और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।




