रायपुर, 21 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शहरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश के शहरों का विकास भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर सुनियोजित, समावेशी और टिकाऊ तरीके से किया जाना चाहिए, ताकि निवेश, उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
मुख्यमंत्री साय ने नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में आवास एवं शहरी विकास निगम (हुडको) और छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित अर्बन चैलेंज फंड (UCF) एवं अर्बन इन्वेस्ट विंडो (UiWIN) विषयक प्रथम क्षेत्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शहरी विकास को नई दिशा मिली है। अर्बन चैलेंज फंड नगरीय निकायों के लिए आधुनिक और सुविधासंपन्न शहर विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
कार्यशाला में नगरीय विकास, वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। पहला एमओयू हुडको और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बीच तथा दूसरा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और सेप्ट विश्वविद्यालय के बीच हुआ। इन समझौतों से नगरीय निकायों को परियोजना निर्माण, वित्तीय संसाधन जुटाने, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रशिक्षण में सहयोग मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। इसे साकार करने के लिए ऐसे शहर विकसित करना जरूरी है, जहां नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मिलें और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले।
उन्होंने नगरीय निकायों को पेयजल, सड़क, बिजली, स्वच्छता, परिवहन और जल निकासी की दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही, जहां संभव हो, बिजली और अन्य सेवाओं के तारों को भूमिगत करने की योजना बनाई जाए। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ समग्र शहरी नियोजन पर जोर दिया।
श्री साय ने महापौरों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्षों और अधिकारियों से अर्बन चैलेंज फंड के प्रावधानों का गंभीरता से अध्ययन कर तकनीकी रूप से मजबूत, उपयोगी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाएं तैयार करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि शासन, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञ संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ के शहर स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और आत्मनिर्भर बनेंगे।




