रायपुर, 3 नवंबर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संसद में प्रत्येक मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है। यदि आवश्यकता पड़ी तो सरकार विशेष सत्र बुलाने से भी पीछे नहीं हटेगी।
श्री शाह ने राहुल गांधी से संसद की कार्यवाही बाधित नहीं करने और सदन को सुचारु रूप से चलने देने की अपील की। शाह ने कहा कि संसद बहस और संवाद का मंच है, उसे ठप करने के बजाय विपक्ष को वहां अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि देश की जनता स्वयं तय कर सके कि कौन सही है और कौन गलत।
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही प्रभावित करने और समानांतर संसद के नाम पर बहस का दिखावा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार हर विषय पर सार्थक चर्चा चाहती है। विपक्ष को भी संसद में उपलब्ध अवसर का उपयोग करते हुए अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से पीछे हटने वाली नहीं है। जरूरत पड़ने पर विशेष सत्र बुलाकर भी महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कराई जा सकती है।
गृह मंत्री ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि संसद को बाधित करने से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके लिए सदन की कार्यवाही रोकना उचित नहीं है। सरकार चाहती है कि संसद में प्रत्येक विषय पर खुलकर बहस हो और जनता के सामने सभी पक्षों का दृष्टिकोण आए।
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ राज्य के गठन और पिछले वर्षों में हुए विकास का उल्लेख करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेशवासियों की वर्षों पुरानी आकांक्षा को पूरा किया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर आदिवासी समाज को राज्योत्सव की बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश की पहचान अब केवल खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां विकास, शांति और नई संभावनाओं का वातावरण तैयार हो रहा है।
गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के खतरे से मुक्त होने की दिशा में मिली सफलता को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और छत्तीसगढ़ पुलिस ने अदम्य साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ काम किया है। सुरक्षा बलों के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है।
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष केवल सुरक्षा की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास, आदिवासी समाज के अधिकारों और आम नागरिकों के बेहतर भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब विकास की संभावनाएं बढ़ रही हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शांति की स्थापना के साथ प्रदेश की प्रगति को नई गति दे सकता है।
उन्होंने अभियान में योगदान देने वाले जवानों और पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहस और बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा। छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास का नया वातावरण तैयार करना केंद्र तथा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।




