नई दिल्ली, 3 नवंबर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष को देशद्रोही बताते हैं, इसलिए उन्हें सामने आकर इस मुद्दे पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।
श्री गांधी ने आज कहा कि वह किसी भी मंच पर प्रधानमंत्री के साथ आमने-सामने बहस करने के लिए तैयार हैं। बहस का स्थान, मंच और निर्णायक प्रधानमंत्री स्वयं तय कर सकते हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि प्रधानमंत्री चाहें तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत को भी निर्णायक बनाया जा सकता है।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को चुनौती दिए हुए 24 घंटे हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा, ”मोदी जी, आप कहते हैं कि विपक्ष देशद्रोही है। आइए, किसी भी मंच पर मेरे साथ बहस कीजिए। देश को पता चलना चाहिए कि देशद्रोही कौन है और विदेशी ताकतों से किसका संबंध है तथा यह संबंध किस तरह का है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री से जल्द से जल्द बहस के लिए सामने आने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है। दोनों नेता आमने-सामने बैठेंगे, मीडिया और देश के युवा मौजूद रहेंगे तथा पूरे देश के सामने मुद्दों पर चर्चा होगी। राहुल गांधी ने कहा कि बहस में एक तरफ प्रधानमंत्री और दूसरी तरफ वह स्वयं बैठेंगे। निर्णायक के रूप में प्रधानमंत्री जिसे चाहें, उसे चुन सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि इस बहस में देश की आर्थिक व्यवस्था, वित्तीय ढांचे और विदेश नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए जाएंगे। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई डील की प्रक्रिया, उसके पीछे के कारणों और जल्दबाजी में उसे अंतिम रूप दिए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि इस समझौते के बारे में मंत्रिमंडल को जानकारी क्यों नहीं दी गई। इसके अलावा उन्होंने उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े मामले और एपस्टीन प्रकरण का भी उल्लेख किया।
राहुल गांधी के मुताबिक, इन तमाम मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि देश की जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि वे सामने आएं और इन सवालों का जवाब दें। उन्होंने कहा कि बहस का उद्देश्य आरोप-प्रत्यारोप नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाना होना चाहिए।
गौरतलब है कि एक दिन पहले राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि वह विदेशी मदद के सहारे प्रधानमंत्री बने और आज भी विदेशी मदद के सहारे सत्ता में बने हुए हैं। राहुल गांधी ने दावा किया था कि देश की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह विदेशियों के नियंत्रण में है और उसे विदेशी ताकतों का समर्थन हासिल है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि विदेशी सोशल मीडिया का एक बड़ा हिस्सा प्रधानमंत्री के समर्थन में खड़ा है।




