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लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस का इतिहास आपातकाल से जुड़ा : साय

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जशपुर, 4 नवंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा उन राजनीतिक दलों से है, जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया है। जिस कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा, विपक्षी नेताओं को जेल में बंद किया और मीडिया की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया, आज वही लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रही है। यह कांग्रेस की दोहरी राजनीति और राजनीतिक अवसरवादिता का उदाहरण है।

     मुख्यमंत्री साय ने बुधवार को जशपुर में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के जनादेश के प्रति उसके रवैये को स्पष्ट करता है। आपातकाल के दौरान विपक्षी नेताओं को जेलों में डालने के साथ प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई थी। इसके अलावा कांग्रेस ने कई बार संविधान के अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर जनता द्वारा चुनी गई गैर-कांग्रेसी सरकारों को बर्खास्त किया। ऐसे इतिहास वाली कांग्रेस का आज लोकतंत्र की दुहाई देना हास्यास्पद है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता चुनाव में मिली पराजय को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। कभी वोट चोरी का आरोप लगाया जाता है, तो कभी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जाते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और निर्वाचन आयोग को भी निशाना बनाया जाता है।

     उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति का दोहरापन इस बात से जाहिर होता है कि जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में आते हैं, तब उसे ईवीएम और निर्वाचन आयोग पर पूरा भरोसा होता है, लेकिन जनता का जनादेश विपरीत आने पर वही संस्थाएं उसके निशाने पर आ जाती हैं। अपनी हार का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

      श्री साय ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की इसी दोहरी राजनीति को जनता के सामने उजागर करने तथा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकाली जा रही है। लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाले राजनीतिक दलों के वास्तविक इतिहास से जनता को अवगत होना चाहिए।

     महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस प्रकरण के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को विदेश से भारत लाया गया है। अब सीबीआई उससे पूछताछ करेगी। पूछताछ के दौरान इस पूरे मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।

   मुख्यमंत्री साय ने सौरभ चंद्राकर को लेकर अमित जोगी द्वारा दिए गए बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमित जोगी सौरभ चंद्राकर को हीरो बता रहे हैं। इस तरह के बयान संबंधित नेताओं की सोच को उजागर करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ऐसे व्यक्ति को हीरो बताने के पीछे कैसी मानसिकता हो सकती है, इसका फैसला प्रदेश की जनता स्वयं कर सकती है।

   मुख्यमंत्री ने कहा कि महादेव सट्टा ऐप जैसे गंभीर मामले में जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और पूछताछ से पूरे नेटवर्क तथा उससे जुड़े लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।