रायपुर, 06 नवम्बर। छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, सरल, व्यवस्थित और पेपरलेस बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के प्रभावी क्रियान्वयन की पहल की जा रही है। इसी उद्देश्य से विधानसभा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 3 और 4 नवंबर को आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों और कर्मचारियों को नेवा प्लेटफॉर्म की तकनीकी एवं व्यावहारिक सुविधाओं से अवगत कराना तथा विधानसभा की विभिन्न विधायी प्रक्रियाओं में डिजिटल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा देना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के नेवा समन्वयक अमन गौतम एवं श्रीधर स्वामी ने प्रतिभागियों को एप्लीकेशन के विभिन्न मॉड्यूल की विस्तृत जानकारी दी। इसमें एडमिन मॉड्यूल, प्रश्न मॉड्यूल और समिति मॉड्यूल के संचालन एवं उपयोग पर विशेष रूप से प्रशिक्षण दिया गया।
इस दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल माध्यम से प्रश्न एवं सूचनाएं प्रस्तुत करने, विधायी दस्तावेजों के ऑनलाइन प्रबंधन, सदन की कार्यवाही से संबंधित जानकारियों के आदान-प्रदान तथा नेवा प्लेटफॉर्म की विभिन्न तकनीकी सुविधाओं के इस्तेमाल की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण में व्यावहारिक जानकारी के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल कार्यप्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं का अभ्यास भी कराया गया।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के साथ ही छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (चिप्स) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है। इसका उद्देश्य देश की विधानसभाओं को आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी से जोड़कर विधायी कामकाज को डिजिटल और पेपरलेस बनाना है। इसके माध्यम से सदन की कार्यवाही, प्रश्नोत्तर, विधायी दस्तावेजों और समितियों से संबंधित कार्यों को ऑनलाइन संचालित करने की व्यवस्था विकसित की जा रही है।




