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हिन्दी का आधार हमारे महान लोकतंत्र का आधार – भूपेश

रायपुर 19 जून।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा हैं कि हमारी मातृभाषा हिन्दी का आधार हमारे महान लोकतंत्र का आधार बन गया है।उनका मानना हैं कि हिन्दुस्तान के लोकतंत्र का आधार हिन्दी का लोकतंत्र है।

श्री बघेल ने  पंडित माधवराव सप्रे की 150वीं जयंती के अवसर पर आज शाम ‘‘हिंदी का लोकतंत्र’’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए कहा कि आजादी की लड़ाई के लंबे दौर में हिन्दी भाषा ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत को एकजुट करने का काम किया था। क्षेत्रीय भाषाओं और क्षेत्रीय अस्मिता का सम्मान रखते हुए हिन्दी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक बन गई।

उन्होने कहा कि हमारी मातृभाषा हिन्दी का आधार हमारे महान लोकतंत्र का आधार बन गया है।वैसे तो हमारी अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब हर भारतीय की अभिव्यक्ति की आजादी है। चाहे वे कोई भी बोली-भाषा बोलते हों, लेकिन बोली-भाषा, हिन्दी में समाहित होकर व्यापक समाज की भाषा बन जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी को ही लीजिए, उसकी जैसी हमारी बहुत सी बोलियां और भाषाएं हिन्दी वर्णमाला के साथ चलती हैं। स्थानीय अथवा क्षेत्रीय भाषा जनता की ताकत होती है, जिसमें वह अपने आप को बेहतर तरीके से अभिव्यक्त करती है,  अपने अधिकारों की बात कर सकती है।

श्री बघेल ने कहा कि हिन्दी ने अभिव्यक्ति के इतने माध्यम गढ़े हैं कि हिन्दी के बिना लोकतंत्र की कल्पना अधूरी लगती है। हमारे देश के व्यापक जनमानस में अगर कोई बसना चाहता है तो उसे हिन्दी की शरण में आना पड़ता है, चाहे वह दुनिया का कोई महान व्यक्ति हो या बाजार की कोई शक्ति। हिन्दुस्तान के लोगों के मन को प्रभावित करने के लिए हिन्दी में आना पड़ेगा। हिन्दी भाषा का फलक इतना विराट है कि हिन्दुस्तान का लोकतंत्र हिन्दी के लोकतंत्र से मजबूत होता है। हिन्दी एक तरह से हमारे जीने का आधार है, आजीविका का आधार है, तो हमारे अधिकारों का विस्तार भी है।

उन्होने इस अवसर पर हिंदी की वरिष्ठ साहित्यकार और भारतीय भाषा परिषद् की अध्यक्ष डॉ. कुसुम खेमानी को वर्ष 2021 के पंडित माधवराव सप्रे छत्तीसगढ़ मित्र साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से सम्मानित किया। उनको यह सम्मान वागर्थ पत्रिका के निरंतर प्रकाशन, भारतीय भाषा परिषद् के माध्यम से हिंदी की अतुलनीय सेवा और साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।इस अवसर पर संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, मुख्यमंत्री के सलाहकार रूचिर गर्ग भी उपस्थित थे।