सावन माह की शुरुआत कल से हो रही है। सावन माह में भगवान शिव को प्रसन्न करके उनकी कृपा पाने का सबसे अच्छा माह माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार सावन पांचवा माह होता है जो भगवान शिव का प्रिय माह माना जाता है। इस माह श्रावण मास भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह में भगवान शिव के साथ-साथ माता पार्वती भू-लोक में ही होते हैं। इसलिए सावन माह में भोलेनाथ की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। इस साल सावन माह की शुरुआत में ही काफी खास संयोग बन रहा है। इस दौरान शिव जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। जानिए सावन माह के पहले दिन कैसे करें भोलेनाथ की पूजा, साथ ही जानें शुभ मुहूर्त और सोमवार की तिथियां।
सावन 2022 का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – 14 जुलाई सुबह 11 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक
अमृत काल – दोपहर 2 बजकर 42 मिनट से शाम 4 बजकर 6 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त – 14 जुलाई सुबह 04 बजकर 03 मिनट से 04 बजकर 51 मिनट तक
वैधृति योग – 13 जुलाई दोपहर 12 बजकर 44 मिनट से 14 जुलाई सुबह 08 बजकर 27 मिनट तक
विष्कुम्भ योग – 14 जुलाई सुबह 8 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 15 जुलाई सुबह 04 बजकर 16 मिनट तक
प्रीति योग – 15 जुलाई सुबह 04 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 16 जुलाई सुबह 12 बजकर 21 मिनट तक
सावन की पूजा सामग्री
फूल
चंदन
अक्षत
बेलपत्र
गंगाजल
दही
घी
केसर
गन्ना
भांग
धतूरा
आक का फूल
चमेली
कनेर का फूल
शहद
पान का पत्ता
लौंग
इलायची
कपूर
धूप- दीप
सावन माह में ऐसे करें भगवान शिव की पूजा
सावन माह में सूर्योदय से पहले उठकर सभी कामों से निवृत्त होकर स्नान कर लें।
साफ सुथरे वस्त्र धारण करके ऊँ का मन ही मन जाप करें।
अब एक लोटे में जल, गंगाजल या फिर दूध लेकर किसी शिव मंदिर में जाकर अभिषेक कर लें। इसके साथ ही ऊँ नम: शिवाय बोलते रहें।
शिवलिंग में अभिषेक करने के बाद बेलपत्र, धतूरा, फूल, दूर्वा, शमी, मदार के फूल आदि चढ़ा दें।
इसके बाद मिठाई का भोग लगा दें।
धूप-दीपक जलाकर शिव स्तुति और चालीसा कर लें।
अंत में शिव जी की आरती करते भूल चूक के लिए माफी मांग लें।