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देश की आजादी के लिए बापू ने छोड़ दी थी वकालत: सीएम योगी

Mahatma Gandhi 153rd Birth Anniversary: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 153वं (Mahatma Gandhi Jayanti) जयंती पर विश्व उनको नमन कर रहा है। लखनऊ में भी इस अवसर पर कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने जीपीओ पार्क (GPO Park) में रविवार को महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यापर्ण करने के बाद रामधुन को सुना। इसके बाद हजरतगंज में गांधी आश्रम में चरखा चलाकर पर सूत काता और वहां मौजूद सभी को संबोधित भी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री गांधी आश्रम में बापू को श्रद्वांजलि भी अर्पित की। मुख्यमंत्री ने गांधी आश्रम में खरीदारी भी की और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि गांधी आश्रम से खरीदारी करे। बापू का त्याग देश की आजादी का आधार बना गांधी आश्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश को सैकड़ों वर्षों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए बापू दक्षिण अफ्रीका में अपनी वकालत की प्रैक्टिस छोड़कर भारत आ गए थे। वह भारत की उस समय की सभी परिस्थिति से वह अच्छी तरह वाकिफ भी थे। उन्होंने हमें कुछ मंत्र भी दिए थे। जिनमें स्वदेशी, स्वच्छता, ग्राम स्वराज था जो भारत की आजादी का आधार बना। देश की आजादी के अभियान को मिली गति मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने भारत की आजादी के साथ, स्वदेशी ने आजादी की लड़ाई को एक नई गति देेने का काम किया। उस समय देश के अंदर उत्तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक सभी ने आजादी की इस लड़ाई के साथ जुड़कर बापू के नेतृत्व में इसको नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ाया। जिस भारत के बारे में कहा जाता था कि ब्रिटिश का शासन कभी अस्त नहीं होगा, उस भारत के अंदर, बापू के स्वदेशी और स्वालंबन के नारे ने कभी न अस्त होने वाले ब्रिटिश शासन को अस्तांचल की ओर पहुंचा दिया। बापू की प्रेरणा से मिलता है मार्गदर्शन मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी आजाद भारत में बापू की प्रेरणा हम सबको एक नया मार्ग दर्शन देती है। उन्होंने कहा कि याद करिए जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में देश की सत्ता जब अपने हाथों में ली थी, तो इस देश ने उनके नेतृत्व पर विश्वास किया था। पहला जो अभियान प्रधानमंत्री ने चलाया था, वह ग्राम स्वालंबन का था, और इसके लिए जन धन खाते के अंतर्गत हर एक व्यक्ति को जोड़ा गया था। नारी गरिमा की रक्षा का माध्यम बना है। कोरोना के समय पीएम ने आत्मनिर्भर भारत का मंत्र दिया था, जो लोकल है, उसके लिए हम वोकल बने। पीएम मोदी के ओडीओपी से पूरा हो रहा बापू का सपना मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकारें देश के विकास का काम कर रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी पीएम मोदी के नेतृत्व में एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) की योजना प्रारंभ की। एक जनपद, एक उत्पाद, यह आत्मनिर्भता के लक्ष्य को प्राप्त करने का अभियान है। उन्होंन कहा कि हम स्वदेशी का मूल मंत्र नहीं छोड़ेंगे, प्रतिस्पर्धा और जरूरत पड़नेपर उसके कलेवर को बदलकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपने उत्पाद को खड़ा करेंगे। पांच वर्ष में ओडीओपी को बड़ा प्रोत्साहन सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में हमने इन्हीं उत्पाद को प्रोत्साहित किया। इसके कारण इसका निर्यात भी बढ़ा। निर्यात जो पहले 86 से 88 हजार करोड़ था, वह बढ़कर 1.56 हजार करोड़ हो गया। हमने इन उत्पादों को एक्सपोर्ट कर लाखों लोगों को आत्म निर्भर बनाया। इसके साथ गांव के काफी हस्तशिल्प कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान के माध्यम से प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है। हमने तो गांव में सोलर व इलेक्ट्रिक चरखे बांटे। इसके बाद जब गांव के लोगों से पूछा कि आखिर कितनी कमाई कर पा रहे हैं, इस पर बताया कि आठ सौ से पंद्रह सौ रुपये प्रतिदिन कमा रहे हैं। खादी खरीब में तीन माह के लिए विशेष छूट मुख्यमंत्री ने खादी उत्पादों पर विशेष छूट देने की घोषणा की। दो अक्टूबर के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश शासन व केंद्र ने तीन माह के लिए विशेष छूट (Special Offer for Khadi Purchase) देने का घोषणा की है। यह व्यवस्था प्रारंभिक चरण में है, आवश्यकता पड़ने पर उसे भी बढ़ाया जा सकता है।