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भारी तबाही के बीच तुर्की से आई राहत की खबर, जानें क्या

तुर्की और सीरिया में सात दिन पहले आई भूकंप की तबाही के जख्म अभी भी हरे हैं। जमींदोज हो चुकी हजारों इमारतों से अभी भी लाशें निकल रही हैं। दोनों देशों में मरने वालों की तादाद 34 हजार के पार हो गई है। भारी तबाही के बीच तुर्की और सीरिया से सुकून और आशा की भी खबरें सामने आ रही हैं। भूकंप के 128 घंटे बाद एक नवजात बच्ची को रेस्क्यू किया गया। बचावकर्मियो ने तुर्की से ही गर्भवती महिला और एक बुजुर्ग महिला को भी सुरक्षित निकाला। इसी बीच भारत की तरफ से जुटी एनडीआरएफ के खोजी कुत्तों जूली और रोमियो की मदद से मलबे में फंसी छह साल की बच्ची का सफल रेस्क्यू किया गया।
सीएनएन के मुताबिक, तुर्की और उत्तर-पश्चिमी सीरिया में भूकंप से मरने वालों की संख्या 34,000 से अधिक हो गई है। इस बीच मलबे से जिंदगियां निकालने के प्रयास भी जारी हैं। तुर्की आपातकालीन समन्वय केंद्र SAKOM ने कहा कि तुर्की में मरने वालों की संख्या 29,605 तक पहुंच गई है। वहीं, सीरिया में यह आंकड़ा 4574 हजार से ज्यादा है। डब्ल्यूएचओ ने आशंका जताई है कि यह आंकड़ा 50 हजार से ज्यादा भी हो सकता है। तुर्की और सीरिया में दिन-रात राहत कार्यों में जुटे बचावकर्मी मलबे से जिंदगियां भी निकाल रहे हैं। एनडीआरएफ के खोजी कुत्तों जूली-रोमियो का कमाल तुर्की और सीरिया में राहत बचाव कार्य में सिर्फ उन्हीं देशों के ही नहीं एनडीआरएफ समेत दुनिया के कई देशों की सेनाएं भी जुटी हुई हैं। इस बीच रविवार को एनडीआरएफ के खोजी कुत्तों जूली और रोमियो ने भूकंप प्रभावित नूर्दगी में मलबे में फंसी छह साल की बच्ची को बचाया। दो महीने की नवजात तो कहीं वृद्ध महिला हुई रेस्क्यू भूकंप के बाद भीषण ठंड की मार झेल रहे तुर्की में इस वक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किल हो रही है। मलबे में दबे लोगों की हालत का अंदाजा लगाना उससे भी कठिन है। लेकिन, इस भूकंप की भीषण तबाही के बाद भी तुर्की से सुकून और आशा की खबरें सामने आ रही हैं। भूकंप के 128 घंटे बाद बचाव कर्मियों ने दो महीने की नवजात बच्ची को जिंदा रेस्क्यू किया। इतना ही नहीं 6 माह की गर्भवती महिला और 70 साल की बुजुर्ग महिला को भी मलबे से सुरक्षित निकाला गया है।