
युवाओं में बढ़ते नशे की लत, उससे बर्बाद होती जिदगियां और बिगड़ते पारिवारिक हालात को लेकर अंजुमन इस्लामिया जशपुर ने समाज सुधार की दिशा में एक बड़ा और साहसिक कदम उठाया है। सामाजिक मीटिंग को संबोधित करते हुए अंजुमन के सदर (अध्यक्ष) महबूब अंसारी ने साफ एलान किया कि नशा करने या नशे के अवैध कारोबार से जुड़े परिवारों का अब सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
सदर महबूब अंसारी ने कहा कि बच्चों को सही राह दिखाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी समाज से पहले उनके माता-पिता और परिवार की होती है। बच्चा अपना अधिकांश समय परिवार के बीच बिताता है, ऐसे में उसकी गतिविधियों पर नजर रखना मां-बाप की जिम्मेदारी है।
बिगड़ते युवाओं पर सीधी बात
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कई युवा देर रात तक घर से बाहर रहते हैं, गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त होते हैं और परिवार यह सब जानते हुए भी चुप रहता है। नशे के कारोबार से कमाया गया पैसा खुलेआम खर्च होता है, लेकिन कहां से पैसा कमाया, इसपर सवाल नहीं उठाए जाते। ऐसे में केवल वह युवा ही नहीं, बल्कि आंख मूंदने वाले परिवार भी दोषी हैं। अंजुमन ने फैसला लिया है कि ऐसे मामलों में अब सख्ती बरती जाएगी।
एक की गलती से बदनाम होता है पूरा समाज
महबूब अंसारी ने कहा कि समाज का एक व्यक्ति भी अगर गलत राह पर चलता है तो उसकी बदनामी पूरे समाज को झेलनी पड़ती है। इसलिए जरूरी है कि परिवार अपने बच्चों के उठने-बैठने, यारी-दोस्ती और गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें और ऐसे कार्यों को बढ़ावा दें जिससे समाज का नाम रोशन हो।




