
कोंडागांव में पत्रकार संगठनों की सक्रियता के बीच पत्रकार भवन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। जिले में पंजीकृत संगठनों में एक ओर प्रेस क्लब है, जिसके अध्यक्ष चम्पेश जोशी हैं, तो दूसरी ओर प्रेस एंड मीडिया फेडरेशन, जिसके वर्तमान अध्यक्ष सुरेंद्र सोनपिपरे हैं। दोनों ही संगठन स्थानीय स्तर पर पत्रकारों के हित में कार्यरत हैं, लेकिन भवन निर्माण को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रेस क्लब को भवन के लिए भूमि आबंटित हो चुकी है, बावजूद इसके भवन निर्माण और विकास आज भी ठोस रूप नहीं ले पाया है। वर्तमान में क्लब पुराने भवन से संचालित हो रहा है, जिसकी स्थिति विकास की प्रतीक्षा करती नजर आती है।
वहीं प्रेस एंड मीडिया फेडरेशन को समय-समय पर आर्थिक सहायता मिली है। जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए। इसके बाद विधायक रहते हुए मोहन मरकाम ने 5 लाख की राशि दी। नगरपालिका कोंडागांव के तत्कालीन अध्यक्ष, पार्षद एवं एल्डरमैन ने भी सहयोग प्रदान किया। अब बस्तर सांसद द्वारा फेडरेशन के आग्रह पर 10 लाख रुपये देने की घोषणा की गई है।
इस तरह 20 लाख से अधिक की राशि मिलने के बाद भी भवन निर्माण पूर्ण नहीं हो पाया है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर इतनी स्वीकृत राशि के बावजूद निर्माण अधूरा क्यों है? क्या तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य कारण बाधक बने?
अब नई राशि की घोषणा के साथ उम्मीद जताई जा रही है कि न केवल भवन पूर्ण होगा, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाएगी। क्योंकि यह केवल ईंट-पत्थर का मामला नहीं, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता और जनविश्वास से जुड़ा प्रश्न है।



