छत्तीसगढ़ में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था में बड़ा बदलाव: कमर्शियल उपयोग पर नई सीमा लागू

रायपुर, 17 मार्च।छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत कमर्शियल गैस कनेक्शन वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों के लिए संतुलित एवं प्राथमिकता आधारित वितरण व्यवस्था लागू की जाएगी। यह व्यवस्था केंद्रीय पेट्रोलियम एवं नैसर्गिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है।
खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने बताया कि राज्य में घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऑयल कंपनियों और भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार कमर्शियल उपभोक्ताओं को पिछले महीनों की खपत के आधार पर अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही गैस आपूर्ति करने पर सहमति बनी है।
सरकार ने आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए एलपीजी वितरण का वर्गीकरण भी तय किया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, सैन्य एवं अर्द्धसैन्य कैंप, जेल, हॉस्टल, समाज कल्याण संस्थान, रेलवे और एयरपोर्ट कैंटीन को 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं शासकीय कार्यालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और उनके गेस्ट हाउस व कैंटीन को 50 प्रतिशत तथा रेस्टोरेंट, होटल, पशु आहार उत्पादक और बीज उत्पादन इकाइयों को 20 प्रतिशत गैस आपूर्ति दी जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कमर्शियल एलपीजी वितरण की दैनिक समीक्षा ऑयल कंपनियों द्वारा की जाएगी और इसकी रिपोर्ट खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को नियमित रूप से भेजी जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी बनी रहे।
खाद्य सचिव ने दोहराया कि राज्य सरकार आम नागरिकों को बिना बाधा एलपीजी उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं पर किसी तरह का असर न पड़े, साथ ही सभी वर्गों तक गैस की उपलब्धता संतुलित रूप से बनी रहे।




