रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का भव्य आगाज

रायपुर, 25 मार्च।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज यहां आयोजित भव्य समारोह में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का शुभारंभ किया। खेलों के पहले संस्करण की शुरुआत तैराकी और फुटबॉल प्रतियोगिताओं से हुई है, जबकि यह आयोजन 3 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान कुल नौ खेलों में देशभर के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
श्री साय ने उद्घाटन समारोह को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह आयोजन सिर्फ खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने वाला एक बड़ा आंदोलन है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या सीमा की मोहताज नहीं होती और जनजातीय समाज में अद्भुत खेल क्षमता मौजूद है, जिसे अब देश पहचान रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ की 32 प्रतिशत से अधिक आबादी जनजातीय है और राज्य के हर क्षेत्र रायपुर से लेकर बस्तर और अंबिकापुर तक में खेल संस्कृति गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए 3800 से अधिक खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह मंच उनकी मेहनत और संकल्प का परिणाम है।
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने इस आयोजन को छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य को इन खेलों का स्थायी मेजबान बनाया जा रहा है। भविष्य में बस्तर, सरगुजा और रायपुर जैसे क्षेत्रों में हर साल इनका आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभा केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरदराज और जनजातीय इलाकों में भी भरपूर क्षमता मौजूद है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का उद्देश्य इसी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ाना है।
मांडविया ने यह भी बताया कि स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के कोच प्रतियोगिता स्थलों पर मौजूद रहेंगे और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को खेलो इंडिया केंद्रों व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संतुलन और जीवन मूल्यों को सिखाने का जरिया भी हैं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत खेल संस्कृति के विजन के अनुरूप है।
ओलंपियन दीपिका कुमारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने जनजातीय समुदायों के खेलों में योगदान को रेखांकित किया। साथ ही कहा कि यह आयोजन खेलों के साथ-साथ पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगा।
केंद्रीय मंत्री ने पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि खिलाड़ियों के चयन और प्रदर्शन में निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल और आगामी खेलो भारत नीति का भी उल्लेख किया, जिनका उद्देश्य महिलाओं और जनजातीय खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करना है।
उन्होंने आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के बेहतर प्रदर्शन का विश्वास जताते हुए 2036 ओलंपिक की मेजबानी, वैश्विक खेल रैंकिंग में शीर्ष 10 में पहुंचने और 2047 तक दुनिया के शीर्ष पांच खेल राष्ट्रों में शामिल होने के लक्ष्य को दोहराया।




