सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट: 9 मजदूरों की मौत, 15 से अधिक घायल

सक्ती/रायपुर 14 अप्रैल।छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर एक भीषण बॉयलर विस्फोट से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में अब तक 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 15 से अधिक श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज रायगढ़ के अस्पताल में जारी है, जिनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, यह घटना डभरा थाना क्षेत्र के सिंघीतराई गांव में स्थित संयंत्र में हुई, जहां बॉयलर के ट्यूब में अचानक विस्फोट हो गया। हादसे के समय प्लांट में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ गई। तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायल मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संयंत्र परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
हालांकि, इस घटना के बाद पीड़ितों के परिजनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कई परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें अपने घायल परिजनों की स्थिति के बारे में सही जानकारी नहीं दी जा रही है। एक घायल मजदूर के पिता ने बताया कि उनका बेटा पिछले चार महीनों से प्लांट में काम कर रहा था, लेकिन हादसे के बाद से प्रबंधन की ओर से कोई संपर्क नहीं किया गया।
वहीं, कुछ मजदूरों ने भी प्रबंधन और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विस्फोट के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और जिम्मेदार अधिकारी मौके से गायब हो गए।
घटना के विरोध में कांग्रेस विधायक राजकुमार यादव के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने पावर प्लांट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और क्षमता से अधिक उत्पादन किया जा रहा था। उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और नियमित निरीक्षण की मांग की है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत पीड़ादायक हादसा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, घायलों के बेहतर इलाज के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं और प्रशासन को जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
इधर, वेदांता कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें उप-ठेकेदार एनजीएसएल के कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने कहा कि प्रभावित लोगों को हर संभव चिकित्सा सहायता दी जा रही है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल, हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है, वहीं मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे की मांग भी तेज हो गई है।




