MainSlideछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूजराज्य

छत्तीसगढ़ में UCC पर सियासत तेज: दीपक बैज ने आदिवासी अधिकारों पर खतरे का जताया अंदेशा

रायपुर, 15 अप्रैल।छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में साय मंत्रिमंडल द्वारा समिति गठन के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कदम पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा है कि यदि राज्य में UCC लागू किया गया, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान आदिवासी समुदाय को उठाना पड़ेगा।

    श्री बैज ने आज यहां जारी बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी ही एकमात्र वर्ग है, जिसे संविधान के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है। राज्य की कुल आबादी में 32 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची जैसे विशेष प्रावधान लागू हैं। ऐसे में UCC लागू करना इन संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ कदम साबित हो सकता है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी UCC के जरिए आदिवासियों के हितों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। बैज ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खत्म होने की घोषणा के बाद से ही उद्योगपतियों की नजर आदिवासी जमीनों पर है और UCC उसी दिशा में एक कदम हो सकता है।

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि वर्तमान में आदिवासी जमीनों की खरीद-बिक्री पर सख्त कानूनी प्रतिबंध हैं, जिससे बाहरी लोग इन जमीनों को नहीं ले सकते। ऐसे में UCC लाकर इन नियमों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, ताकि उद्योगपतियों को फायदा मिल सके।

    उन्होंने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री से कई महत्वपूर्ण सवाल भी पूछे। बैज ने जानना चाहा कि UCC लागू होने के बाद क्या पेसा कानून यथावत रहेगा, क्या पांचवीं अनुसूची के तहत पंचायतों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे, और क्या विशेष संरक्षित जनजातियों—जैसे बैगा, कमार, पहाड़ी कोरवा, बिरहोर, अबुझमाड़िया, भुंजिया और पांडा—को मिले संवैधानिक संरक्षण में कोई बदलाव नहीं होगा।

    इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या आदिवासियों के सामुदायिक भूमि अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

   दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आदिवासियों के मौलिक अधिकारों के साथ समझौता करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि संविधान द्वारा दिए गए इन विशेष अधिकारों में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Related Articles

Back to top button