(सन्तोष यादव)
सुलतानपुर, 02 मई।उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में शनिवार को अहम आदेश सुनाते हुए उनका वॉइस सैंपल लेने की मांग को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले को राहुल गांधी के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
वादी पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि वे इस आदेश को उच्च अदालत में चुनौती देंगे और सेशन कोर्ट में रिवीजन याचिका दायर करेंगे। उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 311 के तहत आवेदन देते हुए मांग की थी कि केस डायरी में मौजूद ऑडियो सीडी से मिलान के लिए राहुल गांधी का वॉइस सैंपल लिया जाए और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाए।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इस अर्जी को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 11 मई को निर्धारित की गई है, जहां आगे की बहस जारी रहेगी।
यह मामला भाजपा नेता विजय मिश्रा द्वारा अक्टूबर 2018 में दर्ज कराए गए मानहानि मुकदमे से जुड़ा है। इस प्रकरण में राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें दो-दो 25 हजार रुपये के मुचलकों पर जमानत दी गई थी।
इसके बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और पूरे मामले को राजनीतिक साजिश बताया। उनके बयान के बाद कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, जिसके तहत गवाहों की पेशी अभी जारी है।
गौरतलब है कि राहुल गांधी का बयान इससे पहले CRPC की धारा 313 के तहत भी दर्ज किया जा चुका है। हालांकि, उनके अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला की ओर से अब तक कोई अतिरिक्त साक्ष्य या विस्तृत सफाई अदालत में पेश नहीं की गई है।




