पटना, 06 जून। बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी सरकारी सुरक्षा वापस करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सरकार के कदम को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए नाराजगी जताई है।
इससे पहले लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था लौटाने का फैसला कर चुके हैं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने आरोप लगाया है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से उनकी सुरक्षा में कमी की गई है। पार्टी का कहना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
इधर, शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के पटना स्थित 10 सर्कुलर रोड आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला। सुबह आवास के बाहर कोई सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं दिखा और परिसर के बाहर सामान्य स्थिति बनी रही।
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इसे पार्टी नेतृत्व का साहसिक कदम बताते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार की ओर से प्रदान की गई सुरक्षा पूरी तरह वापस कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दबाव में आकर लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती की है और यह कदम उन्हें अपमानित करने की मंशा से उठाया गया है।
शक्ति सिंह यादव ने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है और किसी राजनीतिक परिवार को अपमानित करने से उसकी राजनीतिक पहचान समाप्त नहीं हो जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी सरकारी आवास खाली कराने और कभी सुरक्षा में कटौती जैसे कदमों के जरिए विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
राजद प्रवक्ता ने संकेत दिया कि पार्टी के अन्य नेता भी अपनी सरकारी सुरक्षा वापस करने पर विचार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता के समर्थन और भरोसे के बल पर अपनी राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगा।




