नई दिल्ली, 09 जून। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों की गरीब-विरोधी आर्थिक नीतियों और कमजोर विदेश नीति के कारण देश की लाखों गरीब महिलाओं और परिवारों को फिर से लकड़ी के चूल्हे और जहरीले धुएं पर निर्भर होने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 कर दी गई है। इसके साथ ही पिछले तीन महीनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 89 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। उनका आरोप है कि पहले गैस के दाम बढ़ाए गए और फिर सब्सिडी में कटौती कर गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रवासी मजदूरों और निम्न आय वर्ग के लोगों के लिए महत्वपूर्ण 5 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत में भी 323 रुपये की वृद्धि की गई है। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि महंगाई के इस दौर में मजदूर अपनी आय से परिवार का खर्च कैसे चलाएगा और बचत कैसे कर पाएगा।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर अरबपति कारोबारियों के लाखों-करोड़ों रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबों को सरकार की नीतिगत विफलताओं का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि क्या सरकार की नाकामियों का पूरा बोझ केवल गरीब, मजदूर, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग ही उठाएंगे। राहुल गांधी ने दावा किया कि देश की चरमराती अर्थव्यवस्था की कीमत आम जनता से वसूली जा रही है।




