होम उत्तर प्रदेश ‘छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई,बड़े लोग बचाए गए’ : अविमुक्तेश्वरानंद

‘छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई,बड़े लोग बचाए गए’ : अविमुक्तेश्वरानंद

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संभल, 26 जून। ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रखी गई है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।

     संभल में आयोजित अपनी ‘गौ धर्म यात्रा’ के दौरान पत्रकारों से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि राम मंदिर निर्माण और उसके प्रबंधन से जुड़े कई फैसले शुरू से ही मनमाने ढंग से लिए गए। उनका आरोप था कि न तो शास्त्रों और वेदों की मर्यादाओं का पालन किया गया और न ही प्रमुख धार्मिक गुरुओं से उचित परामर्श लिया गया।

      उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट का गठन निष्पक्ष तरीके से किया जाता तो इसकी जिम्मेदारी चारों शंकराचार्यों, रामानंदाचार्य और अन्य प्रमुख संतों को सौंपी जा सकती थी। इसके बजाय राजनीतिक नेतृत्व द्वारा चुने गए लोगों को ट्रस्ट में स्थान दिया गया, जिससे शुरुआत से ही इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे।

      राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी के मामले में दर्ज एफआईआर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों पर मामला दर्ज किया गया है, उनका काम केवल नोटों की गिनती और बंडल तैयार करना था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो उसके लिए जिम्मेदार प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

      स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि विपक्ष ने बिना किसी आधार के यह मुद्दा नहीं उठाया। उनके अनुसार यदि आरोप पूरी तरह निराधार होते तो जांच की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि जांच के बाद एफआईआर दर्ज होना इस बात का संकेत है कि मामले में जांच योग्य तथ्य मौजूद थे और विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाकर अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाई है।

      इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का हिंदुत्व “नकली” है। उनका कहना था कि जो लोग वेदों, धर्मग्रंथों और अपने धार्मिक गुरुओं की शिक्षाओं का पालन नहीं करते, वे वास्तविक अर्थों में हिंदुत्व का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकते। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दल के रूप में भाजपा विधिवत पंजीकृत पार्टी है, लेकिन उसके हिंदुत्व की अवधारणा पर गंभीर सवाल हैं।