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महादेव ऑनलाइन बुक केस:विकास गर्ग 24 जुलाई तक ईडी रिमांड पर, मनी लॉन्ड्रिंग जांच में बड़े खुलासे

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रायपुर, 17 जुलाई। महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है।

     ईडी की रायपुर क्षेत्रीय इकाई ने गत 14 जुलाई को नई दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 19 के तहत विकास गर्ग को हिरासत में लिया। ट्रांजिट रिमांड के बाद उसे रायपुर लाया गया, जहां विशेष पीएमएलए अदालत ने 24 जुलाई तक 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया।

     ईडी के अनुसार, यह जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग सहित आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर की जा रही है। जांच में सामने आया है कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काई एक्सचेंज से जुड़ा कथित सट्टेबाजी नेटवर्क विदेशों से फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम के माध्यम से संचालित किया जा रहा था, जिससे हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई होने का आरोप है।

     जांच एजेंसी का दावा है कि अवैध सट्टेबाजी से प्राप्त धन को शेल कंपनियों और विदेशी संस्थाओं के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग कर वैध निवेश का स्वरूप दिया गया। ईडी का आरोप है कि दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों के माध्यम से एफपीआई, एफडीआई, क्यूआईपी और एफसीसीबी जैसे निवेश माध्यमों का उपयोग कर रकम को विकास गर्ग के नियंत्रण वाली सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश किया गया।

     ईडी के मुताबिक, इसी धन का इस्तेमाल अमेरिका की कंपनी ईबीआईएक्स इंक. में 97.58 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने के साथ-साथ भारत और विदेशों में विभिन्न परिसंपत्तियां बनाने में भी किया गया।

    इससे पहले 5 जून 26 को ईडी ने विकास गर्ग, उसके परिजनों और उससे जुड़ी कंपनियों की लगभग 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क की थीं। इनमें आवासीय भवन, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान भी विकास गर्ग कथित रूप से अपराध से अर्जित धन को छिपाने और इधर-उधर स्थानांतरित करने का प्रयास करता रहा।

    ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक सात अनंतिम कुर्की आदेश जारी किए जा चुके हैं। एजेंसी के अनुसार, कुल मिलाकर करीब 4,000 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल तथा विदेशी संपत्तियां कुर्क, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।