रायपुर, 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि यह प्रस्ताव केवल सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश की तीन करोड़ जनता के जनादेश, किसानों के विश्वास, महिलाओं के आशीर्वाद और गरीबों के अधिकारों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने सभी आरोपों का तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर जवाब दिया, जिससे विपक्ष का प्रस्ताव पूरी तरह तथ्यहीन और आधारहीन साबित हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को स्पष्ट बहुमत और लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 11 में से 10 सीटों पर जीत मिली। इसके अलावा अधिकांश नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में भी जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है। उन्होंने इसे सरकार के प्रति जनता के विश्वास का प्रमाण बताया।
किसानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। इस वर्ष 144 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई और अंतर की राशि किसानों के खातों में एकमुश्त भेजी गई। सरकार बनने के 12 दिनों के भीतर 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया 3716 करोड़ रुपये का धान बोनस भी वितरित किया गया।
महिलाओं के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही 10.40 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं तथा महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन पर शुल्क में रियायत दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने शपथ लेने के अगले ही दिन 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति दी। अब तक 11 लाख से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं और प्रतिदिन लगभग 1600 मकानों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित रखा था।
नक्सलवाद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा बलों, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति लौट रही है और नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि अब विकास कार्यों को गति दी जा रही है और बस्तर को देश का सर्वश्रेष्ठ आदिवासी संभाग बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
आदिवासी विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के चयन को आदिवासी सम्मान का उदाहरण बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत 5.60 लाख से अधिक परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सिंचाई क्षमता में ढाई वर्षों में 19,500 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है तथा 11,107 करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। खाद उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से अतिरिक्त 50 हजार मीट्रिक टन डीएपी भी प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण रोजगार के लिए बजट बढ़ाकर 6 हजार करोड़ रुपये किया गया है तथा रोजगार की अवधि 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। प्रदेश की 6 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में अटल डिजिटल सेवा केंद्र शुरू किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हस्तशिल्प उत्पादों के लिए देश के पांच प्रमुख हवाई अड्डों पर शोरूम खोलेगी। वहीं युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है, नियमित भर्ती परीक्षाएं आयोजित होंगी और पुलिस विभाग में 7 हजार नई भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में निफ्ट, नाइलिट और फोरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना के साथ कौशल विकास और आईटीआई उन्नयन पर भी तेजी से काम हो रहा है।
औद्योगिक निवेश पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वस्त्र उद्योग से 42 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे, नवा रायपुर में सेमीकंडक्टर चिप संयंत्र का कार्य शुरू हो चुका है और ऊर्जा क्षेत्र में तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 70 हजार से अधिक घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं।
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर शराब घोटाले, पीएससी घोटाले और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता सरकार के कार्यों और उपलब्धियों से पूरी तरह परिचित है और विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव जनसमर्थन के अभाव में पूरी तरह असफल साबित हुआ।




