रायपुर, 11 अगस्त। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बस्तर संभाग में 12 से 14 अगस्त तक ऐतिहासिक ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा बस्तर के उन इलाकों से होकर गुजरेगी, जो लंबे समय तक नक्सल हिंसा के लिए संवेदनशील और बेहद प्रभावित रहे हैं।
मंगलवार को पत्रकार वार्ता में विजय शर्मा ने तीन दिवसीय यात्रा के मार्ग, उद्देश्यों और बस्तर में सुरक्षा एवं शांति की बदलती तस्वीर की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान के सकारात्मक परिणाम अब बस्तर में दिखाई दे रहे हैं।
12 अगस्त को नारायणपुर से शुरू होगी यात्रा
श्री शर्मा के मुताबिक ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ 12 अगस्त को दोपहर 12 बजे नारायणपुर से शुरू होगी। विभिन्न गांवों से गुजरते हुए करीब 150 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर यह दंतेवाड़ा पहुंचेगी। 13 अगस्त की सुबह दंतेवाड़ा से स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों के जवानों के साथ यात्रा बीजापुर के लिए रवाना होगी।
14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से शुरू होकर आवापल्ली, उसूर, कलगम और ताड़पाला होते हुए कारिकुत्तलु पहाड़ी के नीचे पहुंचकर समाप्त होगी।
90 से ज्यादा गांवों में पहली बार फहरेगा तिरंगा
गृह मंत्री ने दावा किया कि जनवरी 24 से बस्तर के अनेक दुर्गम गांवों में राष्ट्रीय पर्वों के दौरान लगातार ध्वजारोहण किया जा रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर बस्तर संभाग के 90 से अधिक ऐसे गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा, जहां आजादी के बाद अब तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया था।
उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति नहीं आई है या सुरक्षा बलों को हटाया जाना चाहिए, ऐसा नैरेटिव अब वास्तविकता से दूर है। उनके अनुसार बस्तर के लोग अब खुद को सही मायनों में स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को चुनौती देने वाली ताकतें कमजोर हुई हैं।
नक्सल हिंसा के शिकार लोगों को दी जाएगी श्रद्धांजलि
श्री शर्मा ने कहा कि ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ केवल तिरंगा फहराने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि नक्सली हिंसा में मारे गए निर्दोष ग्रामीणों और शहीद जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का संकल्प भी है।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान वह स्वयं उन 31 प्रमुख स्थानों पर जाएंगे, जहां माओवादियों ने हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया था। चिंगावरम में 31 निर्दोष लोगों की हत्या, एर्राबोर में 220 घरों को जलाने और 33 ग्रामीणों की हत्या तथा मणीकोंटा में 15 आदिवासियों की हत्या जैसी घटनाओं का उन्होंने उल्लेख किया।
इसी तरह ताड़मेटला में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। विजय शर्मा ने कहा कि इन सभी स्थानों पर पहुंचकर शहीदों और नक्सल हिंसा के पीड़ितों को नमन किया जाएगा।
15 अगस्त को झीरम घाटी में शहीदों को नमन
श्री शर्मा ने कहा कि 15 अगस्त को वह झीरम घाटी में मौजूद रहेंगे और नक्सली हिंसा में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देंगे। उन्होंने कहा कि झीरम कांड जैसी भयावह घटनाओं को अंजाम देने वाले नक्सलवाद के अंत का संदेश बस्तर की धरती से दिया जाएगा।
शहीदों की माटी से बनेगा रायपुर में स्मारक
गृह मंत्री ने बताया कि तिरंगा यात्रा के दौरान जिन-जिन स्थानों पर जवानों और निर्दोष ग्रामीणों ने बलिदान दिया, वहां की पवित्र मिट्टी एकत्र की जाएगी। इस मिट्टी का उपयोग रायपुर में प्रस्तावित शहीद स्मारक एवं संग्रहालय में किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 15 अगस्त को बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौराहों और सामुदायिक भवनों का नामकरण अमर बलिदानियों के नाम पर करने की घोषणा करेंगे।
तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे जवान, युवा और आदिवासी समाज
श्री शर्मा ने कहा कि ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ में स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी, सुरक्षा बलों के जवान, युवा, जनजातीय समाज के प्रमुख, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से बस्तर की बदलती तस्वीर और सुरक्षित भविष्य का संदेश पूरे देश तक पहुंचाया जाएगा।




