जशपुर, 17 अगस्त। सावन मास और नागपंचमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को अपनी धर्मपत्नी कौशल्या साय एवं परिवार के सदस्यों के साथ अपने गृहग्राम बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ का अभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली तथा छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति की कामना की।
मैनी नदी के सुरम्य तट पर स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में 17 से 19 अगस्त तक एक लाख 11 हजार 111 पार्थिव शिवलिंग के निर्माण और पूजन का तीन दिवसीय विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय और उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय ने श्रद्धालुओं के साथ स्वयं पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया तथा विधि-विधान से पूजन और अभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को नागपंचमी और पवित्र सावन मास की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। भगवान भोलेनाथ लोकमंगल और कल्याण के प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि महादेव की कृपा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार पर बनी रहे, किसानों के खेत-खलिहान समृद्ध हों तथा प्रदेश में सुख, शांति और खुशहाली निरंतर बढ़ती रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और परमात्मा के प्रति श्रद्धा का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। नदियां, वन, पर्वत और जीव-जगत हमारी आस्था और जीवन परंपरा के अभिन्न अंग हैं। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की आराधना हमें प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने, लोककल्याण और सेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं समाज को एकजुट करने के साथ ही हमें अपनी प्रकृति, संस्कृति और विरासत के संरक्षण के प्रति भी जागरूक करती हैं। फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आयोजित यह विशेष अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और लोकमंगल की भावना का सुंदर प्रतीक है।




