नई दिल्ली, 08 सितंबर। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने मंगलवार को आयोजित विशेष आम सभा की बैठक में अपने संविधान में कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दे दी। ये संशोधन राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (NSGA) के प्रावधानों के अनुरूप किए गए हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद IOA के पदाधिकारी अधिक उम्र तक चुनाव लड़ सकेंगे और पहले की तुलना में लंबे समय तक पद पर बने रह सकेंगे।
IOA की कार्यकारी समिति ने इन संशोधनों को 19 अगस्त को मंजूरी दी थी। मंगलवार को विशेष आम सभा की बैठक में इन्हें अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
75 वर्ष तक चुनाव लड़ने की अनुमति
संशोधित नियमों के तहत अब 70 से 75 वर्ष की उम्र के व्यक्ति भी IOA के किसी पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे या नामित किए जा सकेंगे। हालांकि, यह व्यवस्था तभी लागू होगी जब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के चार्टर और नियम इसकी अनुमति देते हों।
इससे पहले IOA के संविधान के अनुसार 70 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकते थे।
लगातार तीन कार्यकाल तक पद पर रह सकेंगे
संविधान में कार्यकाल को लेकर भी अहम बदलाव किया गया है। पहले IOA के किसी पदाधिकारी को लगातार दो कार्यकाल से अधिक पद पर रहने की अनुमति नहीं थी। दो कार्यकाल पूरे होने के बाद अनिवार्य कूलिंग ऑफ पीरियड का प्रावधान था।
अब अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर कोई व्यक्ति लगातार तीन कार्यकाल तक रह सकेगा। खास बात यह है कि ये तीन कार्यकाल एक ही पद पर या अलग-अलग पदों पर हो सकते हैं। इसके लिए बीच में कूलिंग ऑफ पीरियड लेना अनिवार्य नहीं होगा।
कार्यकारी परिषद में 15 सदस्य
IOA ने NSGA के अधिकांश प्रावधानों को अपने संविधान में शामिल कर लिया है। हालांकि, कार्यकारी परिषद के सदस्यों की संख्या के संबंध में मौजूदा व्यवस्था को बरकरार रखा गया है।
संशोधित व्यवस्था के अनुसार IOC सदस्य को छोड़कर IOA की कार्यकारी परिषद में 15 सदस्य होंगे। फिलहाल भारत के IOC सदस्य को शामिल करने पर कार्यकारी परिषद में कुल 16 सदस्य हैं। IOC सदस्य पदेन सदस्य के रूप में परिषद में शामिल होते हैं और उन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त है।
वहीं, राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 में IOC सदस्य सहित 15 सदस्यीय कार्यकारी परिषद का प्रावधान किया गया है।
IOC को बदलावों पर आपत्ति नहीं
IOA कार्यकारी परिषद के सदस्य रोहित राजपाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने संविधान में किए गए बदलावों को देखा है और उसे मूल रूप से इन संशोधनों पर कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा कि IOA ने संविधान में बदलाव का शुरुआती मसौदा पहले ही IOC के साथ साझा किया था। IOA का उद्देश्य अन्य राष्ट्रीय खेल महासंघों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करना है। नए संशोधनों के बाद IOA का संविधान NSGA के प्रावधानों के अनुरूप हो गया है।
10 दिसंबर से पहले चुनाव प्रक्रिया पर फैसला नहीं
विशेष आम सभा की बैठक में 10 दिसंबर से पहले IOA चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया गया। पीटी उषा की अध्यक्षता वाली मौजूदा कार्यकारी व्यवस्था के लिए चुनाव 10 दिसंबर 2022 को चार साल के कार्यकाल के लिए हुए थे।
IOA के एक कार्यकारी परिषद सदस्य के अनुसार, सरकार पहले चुनाव अधिकारी के लिए संभावित लोगों की एक समिति गठित करेगी। इसके बाद IOA की कार्यकारी परिषद समिति में शामिल नामों में से किसी एक को चुनाव अधिकारी नियुक्त करेगी।
चुनाव से पहले खिलाड़ी आयोग का होगा पुनर्गठन
IOA के नए चुनाव से पहले खिलाड़ी आयोग का भी पुनर्गठन किया जाएगा। इसके अलावा खेलों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों यानी ‘स्पोर्ट्सपर्सन ऑफ मेरिट’ का चयन किया जाएगा।
इन खिलाड़ियों को IOA की आम सभा में मतदान करने वाले सदस्यों के रूप में शामिल किया जाएगा। इसके बाद IOA के नए पदाधिकारियों के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।




