बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्णब के कारण ओडिशा के गंजाम और गजपति समेत नौ जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गंजाम में 300 और गजपति में 700 से अधिक गांव प्रभावित हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए विभिन्न आपदा प्रबंधन एजेंसियों की 313 टीमें तैनात कीं।
अब तक 59,028 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें अकेले गंजाम जिले के 11,882 लोग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का पानी घरों में घुसने के कारण लोगों को विस्थापित करना पड़ा है।
गजपति और गंजाम जिलों के 2328 लोगों को एयरलिफ्ट करने की तैयारी है। इस बीच गजपति के मोहना ब्लाक में राष्ट्रीय राजमार्ग 326 का करीब 300 मीटर हिस्सा बह गया।
वहीं प्रेट्र के अनुसार, आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में बुधवार रात दीवार गिरने से 11 वर्षीय लड़के की मौत हो गई। इसके साथ ही आंध्र में तूफान से जुड़ी घटनाओं में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से बात कर हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिया। शाह ने आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से भी बात कर सहायता का आश्वासन दिया।
ओडिशा के आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि बचाव अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की नौ, ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की 60 और अग्निशमन सेवा विभाग की 244 टीमें लगाई गई हैं।
पुजारी के अनुसार, गंजाम जिले में सबसे अधिक 45 ओडीआरएएफ और सात एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं। गजपति जिले में 12 ओडीआरएएफ और एक एनडीआरएफ टीम बचाव कार्य में जुटी है।
ओडिशा के मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, कालाहांडी, नुआपाड़ा और कंधमाल जिले भी चक्रवात से प्रभावित हुए हैं।
बहुदा नदी ने पार किया खतरे का निशान
प्रेट्र के अनुसार, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर बहने वाली बहुदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण हावड़ा-चेन्नई रेल मार्ग पर 36 ट्रेनों को रद कर दिया गया, 30 का मार्ग बदला गया और आठ के समय में बदलाव किया गया।
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने भी 24 ट्रेन को रद कर दिया और 22 ट्रेन का रूट बदला। वहीं, साउथ कोस्ट रेलवे ने 12 ट्रेन को रद किया और आठ अन्य का रूट बदल दिया। वर्षा और खराब मौसम का असर हवाई सेवा पर भी पड़ा।
गुरुवार दोपहर कोलकाता से रांची आने वाला इंडिगो का विमान संख्या 6ई 7463 खराब मौसम के कारण बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर नहीं उतर सका। करीब 20 मिनट तक आसमान में चक्कर काटने के बाद विमान वापस कोलकाता लौट गया।
आंध्र में मालवाहक जहाज के 20 सदस्य बचाए गएआंध्र प्रदेश में भारतीय तटरक्षक बल ने मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले मालवाहक जहाज ‘सिग्मा पर्ल’ के चालक दल के 20 सदस्यों को एयरलिफ्ट करके बचा लिया।
180 मीटर लंबे जहाज पर मौजूद बाकी सात नाविकों को हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकालने का काम जारी है। सिंगापुर जा रहा यह जहाज बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के तट के पास मौसम खराब होने से फंसा था।
बिहार में रुक-रुक कर जारी रही वर्षा, बंगाल में सतर्कता
बिहार में गुरुवार को पटना सहित सभी जिलों में रुक-रुक कर वर्षा जारी रही। मध्य प्रदेश में तेज आंधी के साथ कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। मौसम केंद्र ने शुक्रवार को 33 जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
बंगाल में चक्रवात को लेकर सतर्कता बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे में कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर 24 परगना समेत कई जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है।
गुलाबी हुआ बस्तर का आसमान
तूफान के प्रभाव से 27 अक्टूबर को शाम पांच से छह बजे के बीच छत्तीसगढ़ के बस्तर में आकाश का रंग लाल-गुलाबी हो गया था। तेज हवा और बिगड़ते मौसम के बीच आकाश के लाल होने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि चक्रवात के प्रभाव से जब ऊंचाई पर बादल छा जाते हैं, तो सूर्य के क्षितिज के नीचे जाने के बाद ये बादल लाल और गुलाबी दिखने लगते हैं। ये बादल लगभग 7.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर होते हैं। दक्षिण छत्तीसगढ़ में बस्तर, दंतेवाड़ा और कांकेर में इसका सबसे अधिक प्रभाव देखा गया।
यूपी में ठंड देगी दस्तक, दिल्ली में रेड अलर्ट
तूफान अर्णब का असर गुरुवार को उत्तर प्रदेश में भी दिखा। लखनऊ में कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हुई। सोनभद्र में सबसे अधिक वर्षा हुई। साथ ही, पश्चिमी यूपी में भी हल्की फुहारें पड़ीं।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट आएगी। तूफान के असर से दिल्ली में भी दिन भर बादल छाए रहे। सुबह यलो अलर्ट था, जो बाद में ऑरेंज और रेड में बदल गया। कहीं हल्की तो कहीं तेज वर्षा दर्ज की गई।
चक्रवात के दौरान आंध्र प्रदेश में जन्मे 367 बच्चे
प्रेट्र के अनुसार, आंध्र प्रदेश में चक्रवाती तूफान के दौरान 367 बच्चों का जन्म हुआ। राज्य में तूफान के आने से पहले एहतियातन 3,100 गर्भवती महिलाओं को अस्पतालों में पहुंचाया गया, जिसमें 367 महिलाओं का प्रसव हुआ है।
स्वास्थ्य और चिकित्सा विभाग ने ऐसी 4,228 महिलाओं की पहचान की थी, जिनका प्रसव दो सप्ताह के भीतर होना था या जिनकी गर्भावस्था उच्च जोखिम वाली श्रेणी में थी। मालूम हो कि ओडिशा में चक्रवाती तूफान के दौरान 931 बच्चों का जन्म हुआ। इनमें कई बच्चों के माता-पिता ने तूफान के नाम पर बेटों का नाम अर्णब और बेटियों का नाम वर्षा रखा है।




