

नई दिल्ली 06सितम्बर।भारत और अमरीका ने आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष के लिए संयुक्तराष्ट्र और वित्तीय कार्यबल जैसे अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है।
अमरीका और भारत के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच आज यहां हुई टू प्लस टू वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि आतंकवाद के खिलाफ दोनों पक्षों ने सहयोग का एक नया उद्देश्यपूर्ण अध्याय शुरू किया है।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि अमरीकी विदेश और रक्षा मंत्रियों ने पाकिस्तान की ओर से फैल रहे आतंकवाद के खतरे पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिन्ता की पुष्टि की है।
अमरीकी विदेश मंत्री माइकल पोम्पियो ने कहा कि अमरीका विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ सहयोग जारी रखेगा।उन्होने कहा कि..हमने अफगानिस्तान और उत्तरी कोरिया सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। आतंकवाद विरोधी आपसी सहयोग को और ज्यादा मजबूत करने के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं। आर्थिक मामलों में राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत की अर्थव्यवस्था को महत्व दिया है। जो दुनिया में सबसे तेजगति से बढ़ती अर्थव्यवस्था है..।
रक्षामंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि दोनों देशों के बीच संचार अनुकूलता और सुरक्षा समझौते कॉमकोसा पर हस्ताक्षर किए गये। इससे भारत को अमरीका से उन्नत तकनीक हासिल करने में मदद मिलेगी और भारत की सुरक्षा तैयारियों को बढ़ावा मिलेगा।उन्होने कहा कि..हमारी साझा कोशिशों से हमने द्विपक्षीय और बड़े स्तर पर नए आयाम हासिल किए हैं। इस क्षेत्र में अपनी सहयोग और ऊर्जा बढ़ाने के लिए हमने पहली बार यह फैसला किया है कि 2019 में भारत के पूर्वी तट पर अमरीका के साथ तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास करेंगे..।
अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने कहा कि भारत एक स्थिरता प्रदान करने वाली ताकत बन कर उभरा है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जिस सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं वह अमरीका और भारत की सेनाओं के बीच संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।




