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गृहमंत्री का बयान आपत्तिजनक, चुनाव आयोग संज्ञान ले: कांग्रेस

रायपुर, 29 नवंबर।छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा के बयान को अत्यंत आपत्तिजनक बताते हुए चुनाव आयोग से इस पर तुरंत संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया अभी जारी है, ऐसे में किसी भी मंत्री द्वारा नागरिकों की नागरिकता पर सवाल उठाना अनुचित है।

श्री बैज ने यहां जारी बयान में कहा कि एसआईआर पूरी तरह चुनाव आयोग की प्रक्रिया है, न कि राज्य सरकार का अधिकार क्षेत्र। ऐसे में गृहमंत्री का इस तरह का बयान देना उनकी ‘‘हैसियत से बाहर’’ है। उन्होंने आरोप लगाया कि गृहमंत्री आदिवासी एवं अनुसूचित जाति–जनजाति समाज के लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से धमका रहे हैं, जबकि स्वयं चुनाव आयोग स्पष्ट कर चुका है कि एसआईआर का नागरिकता जाँच से कोई संबंध नहीं है।

बीएलओ पर दबाव और अव्यवस्था का आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकारी दबाव में बीएलओ पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है जिससे त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियाँ सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि गणना पत्रक (फॉर्म) भरने के लिए कम से कम एक महीने की अतिरिक्त अवधि प्रदान की जाए।उन्होंने कहा कि टेबल-टॉप मिलान, फॉर्म वितरण और डिजिटल एंट्री को लेकर निर्वाचन आयोग के दावे भरोसेमंद नहीं हैं, और इस त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि जो मतदाता अपने घरों पर उपलब्ध नहीं मिलते या जिनका पता बदला हुआ है, उन्हें सीधे विलोपन सूची में डालना अनुचित है। ऐसे मतदाताओं की उचित तस्दीक के बाद ही निर्णय लिया जाना चाहिए।

बीएलओ और कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी चिंता

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की जटिल प्रक्रियाओं से मतदाता, बीएलओ और डेटा एंट्री सहायकों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर विवाद की स्थिति बन रही है और विशेषकर महिला बीएलओ कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि बीएलओ से 18-18 घंटे तक कार्य करवाया जा रहा है, जिससे तनाव और अवसाद जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राजनीतिक लाभ के लिए समूचे प्रशासनिक तंत्र और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी में डाल रही है।