छत्तीसगढ़ में रेलवे के 7,470 करोड़ के बजट पर साय का केंद्र सरकार के प्रति आभार


रायपुर, 2 फरवरी। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार के लिए वर्ष 2026–27 के बजट में ₹7,470 करोड़ के प्रावधान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेश की जनता की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार के सतत और समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ में रेलवे क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009–14 में जहां रेलवे के लिए औसतन ₹311 करोड़ प्रतिवर्ष का प्रावधान था, वहीं 2026–27 में यह बढ़कर ₹7,470 करोड़ हो गया है, जो लगभग 24 गुना वृद्धि को दर्शाता है। वर्तमान में राज्य में ₹51,080 करोड़ की लागत से रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें नए रेल ट्रैक, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा उन्नयन के कार्य शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदूर वनांचल बस्तर को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली रावघाट–जगदलपुर रेल परियोजना का प्रारंभ जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक ऐतिहासिक और अमूल्य उपहार है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर सहित नए फ्रेट कॉरिडोर को भी स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य में यात्री रेल सेवाओं की संख्या आने वाले वर्षों में लगभग दोगुनी होने की संभावना है।
श्री साय ने जानकारी दी कि अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इनमें डोंगरगढ़ (फेज-I), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई एवं उरकुरा जैसे प्रमुख स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। साथ ही राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की 2 जोड़ी एवं अमृत भारत एक्सप्रेस की 1 जोड़ी सेवाएं यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सुविधा प्रदान कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर एवं अंडरपास तथा ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना से छत्तीसगढ़ रेलवे विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है।




