
बैकुंठपुर, 17 फरवरी।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में चल रहे विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर कई नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।
श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सरगुजा और बस्तर जैसे आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्राथमिकता के साथ कार्य कर रही है। प्राधिकरण के माध्यम से दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी गई। साथ ही, जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं और लंबित कार्यों को मार्च तक हर हाल में पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय और वन क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचे।
इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान, बिजली बिलों में त्रुटियों को सुधारने और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित की गई थी, जिसके बाद क्षेत्र को पर्यटन के रूप में नई पहचान मिली। मयाली में स्थापित विश्व के बड़े शिवलिंग को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला और स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैकुंठपुर में आयोजित यह बैठक भी जिले की पर्यटन संभावनाओं को नई गति देगी। विशेष रूप से झुमका जलाशय सहित अन्य स्थलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं बताई गईं।
बैठक में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सांसद चिंतामणि महाराज सहित जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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