कुख्यात माओवादी नेता पापाराव ने 17 साथियों संग किया आत्मसमर्पण

जगदलपुर, 24 मार्च। छत्तीसगढ़ में माओवादी विरोधी अभियानों के बीच मंगलवार को सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली, जब लंबे समय से सक्रिय माओवादी नेता पापाराव ने अपने 17 साथियों के साथ मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया।
मिली जानकारी के अनुसार आत्मसमर्पण की प्रक्रिया में पापाराव ने एनडीटीवी की टीम से संपर्क कर सहयोग मांगा। इसके बाद चैनल की टीम दो दिनों तक जंगल में उनके साथ रही। इस दौरान पापाराव ने न केवल अपने बिछड़े साथियों से संपर्क स्थापित किया, बल्कि सुरक्षा एजेंसियों को तीन छिपे हुए हथियार डंप का पता भी बताया।
इन डंप से सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में हथियार और नकदी बरामद हुई है। बरामद सामान में 3 एके-47 राइफल, .303 राइफलें और करीब 10 लाख रुपये नकद शामिल हैं। इसके अलावा आत्मसमर्पण के समय भी माओवादियों के पास कई आधुनिक हथियार मौजूद थे।
मुख्यधारा में लौटने वाले कुल 18 माओवादियों में 7 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। इनमें पापाराव सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उनके साथ संगठन के विभिन्न स्तरोंडीवीसीएम, एसीएम और पार्टी सदस्य भी शामिल हैं।
पापाराव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में उनके विचारों में बदलाव आया। बदलते हालात और बढ़ते दबाव के चलते उन्होंने महसूस किया कि सशस्त्र आंदोलन अब व्यवहारिक नहीं रह गया है। इसके बाद साथियों से चर्चा कर उन्होंने आत्मसमर्पण का निर्णय लिया।
मुख्यधारा में लौटने के बाद पापाराव ने कहा कि अब वे संविधान और कानून के दायरे में रहकर जनता की सेवा करना चाहते हैं और अपने मुद्दों को लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से उठाएंगे।
इस घटनाक्रम पर राज्य के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पापाराव जैसे बड़े नेता का आत्मसमर्पण माओवाद के खिलाफ एक अहम मोड़ है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में सक्रिय बचे हुए छोटे माओवादी समूह भी जल्द मुख्यधारा में लौट सकते हैं।




