MainSlideछत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूजराज्य

महिलाओं की भागीदारी से सशक्त होगा नया भारत- साय

रायपुर, 15 अप्रैल।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का पारित होना देश की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे नीति-निर्माण और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और अधिक मजबूत होगी।

    मुख्यमंत्री ने राजधानी स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन’ में शामिल होकर कार्यक्रम में उपस्थित मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में नारी को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि देश में शक्ति, ज्ञान और समृद्धि के प्रतीक रूप में देवी-पूजा की परंपरा महिलाओं के सम्मान को दर्शाती है।

     उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हो पाया। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ के साथ राज्य सरकार की ‘महतारी वंदन योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

    श्री साय ने बताया कि राज्य सरकार इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मना रही है। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

    मुख्यमंत्री ने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि अब वहां नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त हो चुका है और क्षेत्र विकास की नई राह पर अग्रसर है। उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं की भागीदारी को नया आयाम मिलेगा।

    कार्यक्रम के दौरान “पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी—नए भारत की तैयारी” के संकल्प को दोहराया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही 14 लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।

     इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प उन्हें बड़े निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने जानकारी दी कि यह अधिनियम वर्ष 2029 तक लागू होगा, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।

     कार्यक्रम में सांसद रूपकुमारी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पद्मश्री ऊषा बारले, विधायक पुरंदर मिश्रा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा और हॉकी खिलाड़ी नीता डोंगरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button