(सन्तोष यादव)
अयोध्या, 30 अप्रैल।पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में बुधवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों पर कहर बरपा दिया। तेज आंधी, तूफान और बारिश ने खासकर केला उत्पादक किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसल तेज हवाओं के चलते पूरी तरह गिर गई, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही पलों में मिट्टी में मिल गई।
सुल्तानपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों और उससे सटे अयोध्या के ग्रामीण इलाकों में इस बार केले की फसल अच्छी बताई जा रही थी। कई जगहों पर फलों का आना भी शुरू हो गया था, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी की उम्मीद थी।लेकिन अचानक आए तूफान ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बड़ी संख्या में केले के पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गए और पूरी फसल जमीन पर बिछ गई।
केले की खेती से जुड़े किसानों का कहना है कि यह एक महंगी नगदी फसल है, जिसमें लागत काफी अधिक आती है और पूरी तरह मौसम पर निर्भर रहती है। मांगरी के ललित यादव और कादीपुर के अरविंद सिंह जैसे किसानों ने बताया कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा के बाद नुकसान की भरपाई करना उनके लिए बेहद कठिन हो जाता है।
किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल आंधी-तूफान के बाद इसी तरह की स्थिति बनती है, लेकिन राहत और मुआवजा प्रक्रिया या तो देर से होती है या पर्याप्त नहीं होती।
क्षेत्र के किसानों ने सरकार से फसल बीमा और राहत योजनाओं को और अधिक प्रभावी और सरल बनाने की मांग की है, ताकि आपदा के समय उन्हें समय पर सहायता मिल सके और उनकी आर्थिक स्थिति को संभाला जा सके।




