(फाइल फोटो)
कांकेर, 02 मई। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में शनिवार को एक आईईडी विस्फोट में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के एक अधिकारी सहित तीन जवानों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा के पास सुरक्षाबलों की टीम को गश्त और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करने के अभियान पर भेजा गया था। इसी दौरान एक आईईडी को डिफ्यूज करते समय अचानक विस्फोट हो गया, जिससे चार जवान घायल हो गए।
घायलों को तुरंत उपचार के लिए ले जाया गया, जहां निरीक्षक सुखराम वट्टी, आरक्षक कृष्णा कोमरा और आरक्षक संजय गढ़पाले ने दम तोड़ दिया। वहीं घायल जवान परमानंद कोमरा का इलाज जारी है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि हाल के महीनों में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षाबल लगातार जंगलों में छिपाए गए आईईडी बरामद कर उन्हें निष्क्रिय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी अभियान के दौरान यह हादसा हुआ।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को माओवादी प्रभाव से मुक्त घोषित किया था। इसके बाद आईईडी विस्फोट में जवानों की जान जाने की यह पहली घटना है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बस्तर क्षेत्र के घने जंगलों में पहले से बड़ी संख्या में बिछाई गई बारूदी सुरंगें अब भी सुरक्षाबलों और स्थानीय ग्रामीणों के लिए खतरा बनी हुई हैं। फिलहाल, पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।




