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पदोन्नति के बाद सेवानिवृत्त प्राचार्यों की पेंशन अटकी, पेंशनर्स महासंघ ने सरकार से की त्वरित समाधान की मांग

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रायपुर, 7 मई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने शिक्षा विभाग में व्याख्याता (ई एवं टी संवर्ग) से प्राचार्य पद पर पदोन्नत होकर सेवानिवृत्त हुए अधिकारियों की लंबित पेंशन समस्याओं को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर प्रभावित अधिकारियों को राहत देने की मांग की है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में श्री नामदेव ने बताया कि शिक्षा विभाग के कई व्याख्याताओं को अर्धवार्षिकी आयु पूर्ण होने पर 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त किया गया था। हालांकि, सेवानिवृत्ति से ठीक पहले शासन द्वारा उन्हें प्राचार्य पद पर पदोन्नति प्रदान कर दी गई। इसके चलते व्याख्याता पद से जारी पुराने सेवानिवृत्ति आदेश स्वतः अप्रभावी हो गए और अब प्राचार्य पद से नए सेवानिवृत्ति आदेश जारी किए जाना आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि प्राचार्य पद से सेवानिवृत्ति आदेश जारी होने के बाद “न मांग – न जांच प्रमाणपत्र” की प्रक्रिया भी शासन स्तर पर पूरी की जानी है, लेकिन इन सभी प्रक्रियाओं में हो रही देरी के कारण सैकड़ों सेवानिवृत्त प्राचार्यों के पेंशन प्रकरण लंबित पड़े हुए हैं।

महासंघ के अनुसार पेंशन भुगतान में विलंब से सेवानिवृत्त अधिकारी गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। मकान या प्लॉट खरीद, गृह ऋण भुगतान, पारिवारिक जिम्मेदारियां और विवाह जैसे आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं नियमित मासिक पेंशन शुरू नहीं होने से दैनिक जीवन-यापन में भी कठिनाइयां बढ़ गई हैं।

श्री नामदेव ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने नव नियुक्त शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह को सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई संदेश भेजते हुए एक विस्तृत पत्र भी प्रेषित किया है। पत्र में उन्होंने लंबित सेवानिवृत्ति आदेश, “न मांग – न जांच प्रमाणपत्र” तथा पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

पेंशनर्स महासंघ ने राज्य शासन से मांग की है कि प्राचार्य पद से लंबित सेवानिवृत्ति आदेश तत्काल जारी किए जाएं, “न मांग – न जांच प्रमाणपत्र” की प्रक्रिया विशेष अभियान चलाकर पूरी की जाए तथा लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पेंशन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। महासंघ ने प्रभावित अधिकारियों को अंतरिम आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई है।

विज्ञप्ति में संभागीय अध्यक्ष रामनारायण ताटी, बी एल गजपाल, राजेंद्र कश्यप, शैलेन्द्र सिन्हा, गुरुचरण सिंह तथा प्रदेश संयोजक स्कूल शिक्षा प्रकोष्ठ क्रांति कुमार सोनी ने उम्मीद जताई है कि नव नियुक्त शिक्षा सचिव इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेंगे, जिससे सेवानिवृत्त प्राचार्यों को शीघ्र राहत मिल सके।